संकष्टी चतुर्थी 2017: जानें गणेश पूजन का शुभ मुहुर्त और पूजा व‍िध‍ि

आज यानि 7 नवंबर को मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी पर अंगारकी चतुर्थी मनाई जा रही है। मान्यता है कि गणेश जी का जन्म चतुर्थी तिथि में हुआ था। इस द‍िन व्रत रखने और व‍िध‍िव‍िधान से पूजन से सुख समृद्धि मिलती है। ये भी कहा जाता है कि व्रत और पूजन करने वाले को जीवन में सभी सुखों की प्राप्‍त होती है। साथ ही भगवान गणेश साधक को रोग आद‍ि से दूर करते हैं और कर्ज से भी मुक्ति दि‍लाते हैं। मत्स्य पुराण, नारद पुराण व गणेश पुराण में भी इस द‍िन की खास मह‍िमा का वर्णन क‍िया गया है।

ज्‍योत‍िषों के मुताबि‍क इस द‍िन शाम के समय पूजन का शुभ मुहुर्त 7 बजे से 8 बजे तक है। मान्यताओं के अनुसार,संकष्टी चतुर्थी के दिन चांद को देखकर भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। इससे सभी तरह की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। पूजन के शुरू में एक पाटे पर लाल कपड़ा ब‍िछाकर गणेश जी प्रत‍िमा को स्‍थापित करें। पाटे के बगल में कलश स्‍थाप‍ित कर पूजा शुरू करें। गणेश जी को फूल, सिंदूर, फल, दुर्वा आद‍ि अर्पि‍त करें। इस दौरान गणेश जी को मोदक का भोग जरूर लगाएं। कथा पढ़ें और भगवान गणेश जी की आरती करें।

 

 

 

 

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