प्रद्युम्न मर्डर: 76 दिनों बाद घर लौटा अशोक, कहा- नशा अौर करंट देकर कबूल कराया जुर्म

प्रद्युम्न मर्डर केस में गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक कुमार कोर्ट जमानत मिलने के बाद आज पूरे 76 दिनों बाद अपने घर पहुंचा। बस कंडक्टर के वकीलों ने उसकी जमानत का आदेश जेल प्रशासन को सौंपा और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अशोक को देर शाम जेल से रिहा कर दिया गया। अशोक कुमार को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिली है। अशोक के पड़ोसी महेश राघव ने अपनी जमीन की रजिस्ट्री के पेपर बतौर जमानत दिया है। गांववालों ने भी 50-100 रुपये तक का चंदा इकठ्ठा कर अशोक की मदद की है। अशोक कुमार की रिहाई की ख़बर सुनकर उसके गांव के लोग सुबह से भोडसी जेल के बाहर पहुंच गए। जैसे हीअशोक जेल के बाहर आया गांववालों ने उसका स्वागत किया। इस बीच अशोक की मां और पत्नी के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे।

वहीं रिहा होने के बाद अशोक ने हरियाणा पुलिस की बर्बरता की दास्तान मीडिया को बताई कि कैसे पुलिस ने थर्ड डिग्री देकर जुर्म कबूल करने के लिए उसे मजबूर किया था। इसके लिए उसे टॉर्चर भी किया गया और बिजली के झटके दिए गए। अशोक की मानें तो जुर्म कबूलने के लिए उसे नशा भी दिया जाता था।

आपको बता दें कि 8 सितंबर को रेयान स्कूल के बाथरूम में 7 वर्षीय प्रद्युम्न का गला रेतकर हत्या की गई थी। इस मामले की जांच कर रही गुरुग्राम पुलिस ने 42 वर्षीय बस कंडक्टर अशोक कुमार को प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। दावा किया था कि बच्चे के साथ गलत काम करने में नाकाम रहने के बाद उसने हत्या कर दी गई। मगर बाद में जब ये केस सीबीआई के पास पहुंचा तो प्रद्युम्न का असली कातिल 11वीं कक्षा का छात्र निकला। जिसने एग्जाम कैंसल करवाने के लिए प्रद्युम्न की हत्या कर दी थी।

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