येदियुरप्पा ही नहीं, ये 10 मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं बस ‘कुछ घंटों के मुख्यमंत्री’

येदियुरप्पा ही नहीं, ये 10 मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं बस 'कुछ घंटों के मुख्यमंत्री'

येदियुरप्पा ही नहीं, ये 10 मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं बस ‘कुछ घंटों के मुख्यमंत्री’  कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले बीएस येद्दयुरप्पा ने करीब 55 घंटे पद पर बने रहने के बाद ही इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद वो भी भारतीय इतिहास में सबसे कम दिन के लिए सीएम रहने वाले राजनेताओं की सूची में शामिल हो गए। मगर हम आपको बता दें कि देश में सिर्फ येद्दयुरप्पा ऐसे अकेले सीएम नहीं रहे हैं जिनकी सरकार कुछ दिन ही रही हो, बल्कि उनसे पहले भी कई ऐसे सीएम रह चुके हैं। सियासत में कई बार ऐसे मौके आए हैं, जब पद की शपथ लेने के कुछ ही घंटों या दिनों बाद मुख्यमंत्रियों को त्यागपत्र देने की नौबत आ गई हो। तो चलिए आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ राजनेताओं के बारे में जो सबसे कम दिन तक मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे….

जगदंबिका पाल

बीजेपी से मौजूदा समय में सांसद जगदंबिका पाल 1998 में मात्र एक दिन के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम रहे थे। दरअसल राज्यपाल द्वारा कल्याण सिंह की सरकार भंग किए जाने पर उन्होंने 21 फरवरी 1998 को देर रात सीएम पद की शपथ तो ले ली मगर ठीक अगले ही दिन हाई कोर्ट के फैसले की वजह से उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा।

हरीश रावत

कांग्रेस नेता हरीश रावत भी उत्तराखंड में साल 2016 में महज एक दिन तक ही सीएम पद पर रह पाए। क्योंकि उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हटाया गया था।

सतीश प्रसाद सिंह

सतीश प्रसाद सिंह भी बिलकुल इसी श्रेणी में शामिल हैं। दरअसल उन्हें भी 28 जनवरी से 1 फरवरी 1968 में मात्र पांच दिनों के लिए बिहार का कार्यवाहक सीएम नियुक्त किया गया था। वो जन क्रांति दल सरकार को हराकर सत्ता में कांग्रेस को वापस लाए थे। उनके उत्तराधिकारी बीपी मंडल भी मात्र 31 दिन ही मुख्यमंत्री पद पर रहे थे।

ओम प्रकाश चौटाला

ओम प्रकाश चौटाला 1990 में पांच दिनों तक हरियाणा के मुख्यमंत्री पद पर रहे थे। इसके बाद वो 1991 में मात्र 14 दिनों के लिए ही सीएम बने थे।

ओम प्रकाश चौटाला

नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब पहली बार 2000 में मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हुए थे तो सिर्फ 7 दिन तक ही सीएम की कुर्सी पर बैठ पाए।

नीतीश कुमार

शिबू सोरेन

वहीं तीन बार झारखंड के सीएम रह चुके शिबू सोरेन पहली बार 2 मार्च 2005 को सीएम बने थे, लेकिन येदुरप्पा की ही तरह बहुमत नहीं जुटा पाने के चलते वो भी 10 दिन तक ही इस पद पर रह पाए।

एससी मारक

मेघालय में भी वरिष्ठ कांग्रेस नेता एससी मारक 1998 में केवल 13 दिनों के लिए ही मुख्यमंत्री बने थे।

जानकी रामचंद्रन

अन्नाद्रमुक के संस्थापक एमजी रामचंद्रन के निधन के बाद उनकी पत्नी जानकी रामचंद्रन जनवरी 1988 में मात्र 23 दिनों के लिए तमिलनाडु ही सीएम बनी थीं।पार्टी विधायकों के एक गुट ने उनकी पत्नी के पक्ष में राज्यपाल को समर्थन पत्र भेज दिया। मगर दूसरा पक्ष तो जयललिता के पक्ष में खड़ा था। जिसके बाद राज्‍यपाल एसएल खुराना ने 7 जनवरी को जानकी रामचंद्रन को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी लेकिन वे सदन में बहुमत साबित नहीं कर पायीं और 28 जनवरी को उन्हें पद से हटना पड़ा। वो सिर्फ 24 दिन के लिए सीएम बन पाईं थी।

बीपी मंडल

बीपी मंडल 1968 में 30 दिनों तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर रहे थे।

सीएच मोहम्‍मद

केरल के सीएच मोहम्‍मद भी सत्‍ता का स्‍वाद ज्‍यादा दिन तक नहीं चख पाए थे. 12 अक्टूबर से सिर्फ 45 दिन सीएम रहकर वे 1 दिसंबर को सत्‍ता से हट गए.केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता सीएच मोहम्मद कोया 1979 में 45 दिन तक मुख्यमंत्री रहे थे। वह राज्य के सबसे कम समय तक सीएम रहने वाले और एकमात्र मुस्लिम शख्स थे।

 

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