नोटबंदी को हुआ एक साल : मोदी सरकार ने गिनाई ये बड़ी उपलब्धियां, नमो ऐप पर मांगी जनता की राय

आज नोटबंदी को पूरा एक साल हो चुका है। पिछले साल आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबांडी का ऐलान किया था जिसके बाद रातों रात पूरे देश में हड़कंप सा मच गया था। जहां विपक्षी पार्टियां शुरुवात से ही नोटबंदी के नुकसान गिनाती आ रहीं हैं वहीं मोदी सरकार ने नोटबंदी के कई फायदे बताए। आज नोटेबंदी एक साल होने पर मोदी सरकार ने अपने इस ऐतिहासिक कदम के दूरगामी परिणाम गिनाए हैं। वैसे ये कहना गलत नहीं होगा कि नोटबंदी का असर कालेधन, और देश की अर्थव्‍यवस्‍था से लेकर आतंकवाद व नक्‍सलवाद सभी पर पड़ा है।

नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कई ट्वीट कर देश की जनता का आभार जताया है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में लिखा, मैं भ्रष्टाचार और काला धन को खत्म करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कई फैसलों का समर्थन करने के लिए भारत की जनता को झुक कर प्रणाम करता हूं। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि 125 करोड़ भारतीयों ने निर्णायक लड़ाई लड़ी और जीती है।

मोदी ने एक शॉट फिल्म भी ट्विटर पर शेयर की। जिसमें नोटबंदी के फायदे बताएं गए हैं और सर्वे के माध्यम से लोगों को अपनी राय देने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने लोगों से पूछा है कि भ्रष्टाचार और कालेधन को उखाड़ फेंकने के प्रयासों के बारे में आप क्या सोचते हैं? इस सर्वे के माध्यम से मुझे बताएं।

 

आइये आपको बताते हैं कि नोटेबंदी से देश को क्या क्या फायदा हुआ।

देश के इतिहास में सबसे ज्‍यादा कालेधन का पर्दाफाश हुआ।
17.73 लाख संदिग्‍ध मामलों का पता चला।
23.22 लाख खातों में लगभग 3.68 लाख करोड़ रुपये का संदिग्‍ध कैश जमा हुआ।
6 लाख करोड़ रुपये के हाई वैन्‍यू नोट प्रभावी रूप से कम हुई।
कश्‍मीर में पत्‍थरबाजी की घटनाएं 75% तक घट गईं।
वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 20% से ज्‍यादा की कमी आई।
कालेधन में डील करने वाली शेल कंपनियों का बड़ा गोरखधंधा उजागर हुआ।
शेल कंपनियों पर सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई, 2.24 लाख कंपनियों पर ताला लगा।
इसके अलावा 01 फीसद ब्‍याज दर घटी
03 गुना बढ़ा शहरी स्‍थानीय निकायों का राजस्‍व। उत्‍तर प्रदेश में चार गुना, मध्‍यप्रदेश व गुजरात में पांच गुना बढ़ोतरी हुई।
50 फीसद बढ़ी डेबिट कार्ड से भुगतान करने वालों की संख्‍या। इस साल अगस्‍त में यह 26.55 करोड़ रही।
48 फीसद बढ़ी डेबिट कार्ड से भुगतान की राशि, हुई 35,413 करोड़ रुपये।
15.44 लाख करोड़ की पुरानी करेंसी प्रचलन में थी। इनमें से 15.28 लाख करोड़ रुपये वापस आए।
सिर्फ 16 हजार करोड़ रुपये की राशि ही बैंकिंग प्रणाली से बाहर।
रियल एस्‍टेट के दामों में आई गिरावट।

 

 

 

 

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