CM फडणवीस के आश्वासन के बाद किसानों ने वापस लिया आंदोलन !

कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर नासिक से पैदल चलकर मुंबई पहुंचे किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक की। करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने मांगों पर लिखित भरोसा देने की बात कही है।

किसानों की महत्वपूर्ण मांगों में से एक जमीन किसानों के नाम पर करने की मांग मान ली गई है। आदिवासी विकास एवं जनकल्याण मंत्री वी सावरा ने बताया कि किसानों की शिकायत है कि जो उनकी जमीन है उससे कम उनके नाम पर है, तो जितनी भी जमीन पर वे खेती कर रहे हैं वो उनके नाम पर होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ये मांग मान ली है। मुख्य सचिव इसे देखेंगे और 6 महीने के अंदर इसे लागू किया जाएगा।

वहीं सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन ने मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए किसानों की सभी मांगों पर चर्चा किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया, ‘उनकी करीब 12-13 मांगें थीं जिनमें से कुछ हमने मांग ली हैं और उन पर हम लिखित ड्राफ्ट देंगे। मुझे लगता है कि वो हमारे फैसले से संतुष्ट हैं।’

आइए आपको बताते हैं कि क्या हैं किसानों की मांगें:-

-कृषि उपज की लागत मूल्य के अलावा 50 प्रतिशत लाभ दिया जाए।
-सभी किसानों के कर्ज माफ किए जाएं ।
-नदी जोड़ योजना के तहत महाराष्ट्र के किसानों को पानी दिया जाए।
-वन्य जमीन पर पीढ़ियों से खेती करते आ रहे किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिया जाए।
-संजय गांधी निराधार योजना का लाभ किसानों को दिया जाए।
-सहायता राशि 600 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह की जाए।
-स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए।

अब देखना होगा की किसानों की कितनी मांगे सरकार ने पूरा करने का भरोसा दिया है और कितनी मांगों को लंबित छोड़ दिया है। साथ ही अब किसान मार्च ख़त्म कर वापस चले जाएंगे या वो कल विधानसभा को घेरेंगे।

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