झारखंड में भूख से तड़पकर 40 साल के रिक्शाचालक ने तोड़ा दम, राशन कार्ड के लिए कई दिनों से काट रहा था चक्कर

देश में एक तरफ जहां हर दिन खाना बर्बाद हो जाता है वहीं दूसरी तरफ कई लोग भूख से तड़प तड़प कर दम तोड़ देते हैं। झारखंड के झरिया में भूख से तड़प कर 40 साल के रिक्शाचालक वैद्यनाथ दास की मौत हो गई। वैधनाथ को सिर्फ अपना पेट भरना होता तो शायद वो आज ज़िंदा होता मगर वो तो दिनभर धूप-ताप में रिक्शा चलाकर अपने परिवार के 7 लोगों के परिवार का गुज़ारा करता था। परिवार का भी चीख-चीख कर यही कहना है कि गरीबी और भूख से उनकी मौत हो गई।

सबसे बड़ी बात तो ये थे कि उसे किसी भी सरकारी योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा था। परिवार वालों का कहना है कि वैद्यनाथ तीन साल से बीपीएल सूची में नाम डलवाने और राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था, लेकिन ना ही उसका नाम बीपीएल सूची में आया और ना ही कभी उसका राशन कार्ड बन पाया। मृतक की पत्नी और बेटे का कहना है कि एक हफ्ते से उनके घर का चूल्हा बंद था। अब ज़रा सोचिए कि एक पत्नी और बेटे पर क्या गुजर रही होगी। रो रो कर पूरे परिवार का सीना छलनी हो गया है।

बैद्यनाथ का बड़ा बेटा रविदास फिलहाल बेरोजगार है। 16 वर्षीय छोटा भाई सूरज बिजली मिस्त्री के साथ हेल्पर का काम करता है। छोटा भाई नीरज कक्षा चार में पढ़ता है। उनके अलावा दो बहनें हैं। मां चौका-बर्तन करती है। बैद्यनाथ रिक्शा चलाते थे, लेकिन घर का खर्च नहीं चल पाता था। लेकिन पिछले एक सप्ताह से उनके घर में खाने को कुछ भी नहीं था बैधनाथ की पत्नी आस पास के लोगों से खाना मांग कर ला रही थी। पत्नी का कहना है कि अगर राशन कार्ड होता तो पति जिंदा होते और मासूम बच्चों के ऊपर से पिता का साया नहीं उठता।

हालांकि बैद्यनाथ की मौत के एक दिन बाद रविवार को धनबाद के डीसी ए.दोड्डे के साथ पूरा प्रशासनिक अमला जांच करने झरिया के भालगढ़ा ताराबगान टीनाधौड़ा पहुंचा। डीसी ने परिजनों के लिखित बयान लिए। मगर अब बयान लेने से और करवाई करने से क्या फायदा। अगर सरकारी दफ्तरों में काम सही ढंग से किया जाता और बैधनाथ को गरीबों से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिलता तो उनकी मौत नहीं होती और वो आज ज़िंदा होते और उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ ना टूट पड़ा होता। आपको बता दें कि इससे पहले झारखंड के सिमडेगा में संतोषी कुमारी नाम की एक बच्ची की मौत भूख से हो गई थी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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