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Kisan Bulletin 5th Aug 2019-किसानों की मदद करेगा मेघदूत

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Kisan Bulletin 5th Aug 2019

Kisan Bulletin 5th Aug 2019-किसानों की मदद करेगा मेघदूत

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Kisan Bulletin 5th Aug 2019-

हाल ही में केंद्र सरकार ने धान के समर्थन मूल्य पर 65 रूपये बढ़ाने का फैसला किया है। जिसके चलते छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के करीब 95 हजार से ज्यादा किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। और इतना ही नहीं, जो किसान नवंबर में पहले अपना पंजीयन करा लेंगे उनको भी इससे फायदा होगा, आपको बता दें कि, हर साल समर्थन मूल्य बढ़ने से सोसायटियों में धान बेचने के लिए किसानों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। तो वहीं किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखा गया है, हालांकि, केंद्र सरकार के फैसले के बाद से राज्य सरकार की तरफ से भी किसानों के हित में कई फैसले लिए गए है। बोनस के रूप में समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी कर राज्य सरकार ने भी किसानों को राहत दी है। दरअसल, साल 2006-2007 के बीच धान का समर्थन मूल्य 650 रूपये के करीब था, जो 13 सालों में 1165 रूपये बढ़ गया है। साथ ही, समर्थन मूल्य बढ़ने के कारण धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों की संख्या भी बढ़ी है। पिछले चार सालों में 16450 पंजीकृत किसान बढ़ चुके है। हालांकि, जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी प्रहलाद पुरी गोस्वामी के अनुसार, अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी के आदेश की कॉपी हमें नहीं मिली है।

भू-विज्ञान और कृषि मंत्रालय ने हाल ही में डिजिटल इंडिया के तहत किसानों को तकनीक से जोड़ने के लिए मेघदूत मोबाइल एप लॉन्च किया है। आपको बता दें कि, ये ऐप किसानों को उनके क्षेत्र के हिसाब से कृषि और मवेशियों के लिए मौसम आधारित जानकारी और सलाह उनकी स्थानीय भाषा में देगा। इस ऐप को भू-विज्ञान, विज्ञान और तकनीक मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने लॉन्च किया है। हम आपको बता दें कि, किसान इस एप की मदद से बारिश, नमी और आंधी, तुफान की तीव्रता और दिशा के बारे में जान सकते हैं। इन जानकारियों को समय से प्राप्त कर किसान अपनी फसलों और मवेशियों की बेहतर तरीके से देखभाल कर सकते हैं। आपको बता दें कि, इस एप की सूचनाएं हफ्ते में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को अपडेट होंगी, शुरुआत में यह एप देश के 150 जिलों के स्थानीय मौसम के बारे में जानकारी देगा. अगले एक साल में इसकी सेवा का विस्तार किया जाएगा. इस एप को गूगल प्ले स्टोर और एप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. उपयोगकर्ता इस मोबाइल एप पर अपना नाम और लोकेशन के साथ खुद को रजिस्टर कर सकते हैं जिससे उन्हें स्थानीय क्षेत्र के हिसाब से सूचनाएं मिलती रहेगी.

एनएच 152 डी के लिए सरकार द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे की राशि के लिए किसान पिछले करीब 5 महीनों से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं.. इतने समय में किसानों ने कभी अर्धनग्न होकर धरना प्रदर्शन किया तो कभी काली पट्टी बांधकर और काले झंड़ों के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.. मगर अभी तक किसानों की मांगो को लेकर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, ऐसे में धरने के दौरान ही हाल ही में एक 54 साल के किसान रामोतार की मौत हो गई,, आपको बता दें कि, बाकी किसानों की ही तरह रामोतार भी अपनी अधिग्रहण की गई जमीन की मुआवजा राशि को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन में जुटा हुआ था, और बीते शुक्रवार को धरने के दौरान ही किसान की छाती में अचानक दर्द होने लगा, जिसके बाद किसान ने अचानक अपना दम तोड़ दिया। और इतना ही नहीं, किसान की मौत के बाद भी प्रशासन का कोई अधिकारी किसान की सुध लेने तक नहीं पहुंचा, जिसकों लेकर किसानों में सरकार की खिलाफ आक्रोश और बढ़ गया है। अब सवाल ये है कि, किसान कब तक ऐसे ही अपने हक की लड़ाई लड़ता रहेगा, और यूं ही अपनी जान गंवाता रहेगा।

आज से करीब दो साल पहले कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को कृषि की तरफ आकृषित करने के लिए ICAR और GOI ने मिलकर राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना यानि की National Agriculture Higher Education Project की शुरूआत की थी, और आज NAHEP को दो साल पूरे होने के खास मौके पर दिल्ली के NASC कॉम्प्लेक्स स्थित A.P Shinde ऑडिटोरियम में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था, हालांकि, ये आयोजन दो दिनों तक चलने वाला है. आपको बता दें कि, इस समीक्षा बैठक के मुख्य अध्यक्ष DARE और DG ICAR के सचिव डॉ. त्रीलोचन महापात्रा है। इसी के साथ बैठक में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, डॉ. राकेश चंद्र अग्रवाल, और डॉ. EDWARD. W. BRESNYAN भी मौजूद थे।

राजस्थान के टोंक जिले के दूनी तहसील क्षेत्र के ख्वासपुरा,फतेहपुरा और आवां जैसे गांवों के खेतों में मूंगफली की फसल में सफेद लट लगने से फसल खराब होती जा रही है। जिसको लेकर किसानों काफी परेशान है। हालांकि, इसकी शिकायत किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों से कर दी है।

उत्तर प्रदेश के चंदौसी में अब जल्द ही कृषि उत्पाद समितियों की सत्ता किसानों के हाथों में आने वाली है, दरअसल, अब तक मंडी समिति के सभापति की कुर्सी पर पीसीएस के अधिकारियों का कब्जा रहता था, जो कि, अब जल्द ही किसानों को मिलने वाला है।

मध्य प्रदेश के छतरपुर के किसान पिछले तीन दिनों से मड़वाघाट नहर के निर्माण कार्य में अधिग्रहति की गई उनकी जमीन के मुआवजे को लेकर हड़ताल पर थे। लेकिन बीते शनिवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम कुशल सिंह गौतम ने किसानों को खाते में मुआवजा राशि आने का ऑनलाइन प्रमाण-पत्र दिखाया। जिसके बाद किसानों की हड़ताल खत्म हो गई।

हरियाणा के जींद जिले के निडाना गांव में अपने खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे किसान की स्प्रे के प्रभाव में आने से मौत हो गई। आपको बता दें कि, किसान की पहचान 26 साल संजय के तौर पर की गई हैं, पुलिस ने किसान के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है

 

 

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