Grameen News

True Voice Of Rural India

Kisan Bulletin 3rd July 2019: किसानों की आय दोगुनी करेगी मोदी सरकार!

1 min read
Kisan Bulletin 3nd July 2019

Sharing is caring!

Kisan Bulletin 3rd July 2019-

  1. साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पाने के लिए सरकार ने कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाने की योजना बनाई है। आपको बता दें कि, बीते मंगलवार को केंद्रीय उद्योग एंव वाणिज्यक मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ये ऐलान किया है कि विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर ये लक्ष्य जल्द ही पूरा किया जाएगा। सरकार ने ये तय किया है कि, साल 2024 से 2025 तक कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाकर 7 लाख रूपये किया जाएगा। जो कि, इस समय करीब पौने तीन लाख करोड़ रूपये सालाना है। आपको बता दे कि, इसको लेकर पीयूष गोयल और नरेंद्र तोमर ने कहा कि, इसके लिए सरकार कई मोर्चो पर एक साथ काम कर रही है, इनमें बेहतर खाद-बीज और ढुलाई प्रबंधों के जरिये उपज में बढ़ावा देने के साथ ज्यादा कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए बहुस्तरीय उपाय शामिल हैं। आपको बता दें कि, कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार देश में पहली बार भारतीय अंतरराष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला लगाने जा रही है। इस व्यापार मेले में सहकारी क्षेत्र के संगठनों के अलावा दुनियाभर के कृषि वस्तुओं के खरीददारों को बुलाया जाएगा। बता दें कि, ये मेला 11 से 13 अक्टूबर तक दिल्ली के में लगाया जाएगा। जाहिर है कि, सरकार सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने और कृषि उत्पादों की पहुंच विदेशी तक आसानी से पहुंचाने के लिए इस योजना पर काम कर रही हैं, जिसका लाभ सीधे तौर पर देश के किसानों को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
  2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में सूखे के चलते किसानों के हालात बद्तर होते जा रहे हैं, समय के साथ बढ़ती पानी की किल्लत की वजह से ना सिर्फ बुंदेलखंड के किसानों को बल्कि वहां के आम लोगों को भी मुसीबतों से जूझना पड़ रहा हैं.. आपको बता दें कि, किसानों की इसी समस्या को मुद्दा बनाते हुए समाजवादी पार्टी के एक सदस्य ने मंगलवार को राज्यसभा में इन किसानों को हर महीने 3,000 रूपये बतौर पेंशन दिए जाने की मांग की है। खबरों की मानें तो सपा के विशंभर प्रसाद निषाद ने उच्च सदन में Dayzero के दौरान ये मुद्दा उठाते हुए कहा ‘‘लगातार सूखे से बुंदेलखंड के किसान परेशान हैं। खेती बारिश पर आधारित है और बारिश नहीं हो रही है। जहां कुछ किसान पलायन करने पर मजबूर हो रहे है.. तो वहीं कुछ किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं। इन किसानों को हर महीने 3000 रुपये बतौर पेंशन दिए जाने चाहिए। इसके अलावा विशंभर प्रसाद ने बताया कि, आवारा पशुओं से फसलों को गंभीर नुकसान हो रहा है। ये पशु खेतों में घुस कर फसलें बर्बाद कर देते हैं। इस तरह फसलों के नुकसान को फसल बीमा के दायरे में लाया जाना चाहिए। हालांकि, पानी की समस्या दिनो दिन अपना विकराल रूप लेती जा रही है.. जिसके चलते ना सिर्फ बुंदेलखंड के किसान बल्कि देश भर के किसानों कई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
  3. खेती-बाड़ी घाटे का सौदा होता है ये बात आपने अक्सर हर किसान के मुंह से सुनी होगी, लेकिन अगर केंद्र सरकार की मानें तो अब किसान सरकार की नई स्कीम से मालामाल हो सकते है… दरअसल, हम बात कर रहे हैं केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लागू की गई नई योजना की.. इस योजना के तहत अगर आप किसान है तो आप कृषि मशीनरी बैंक बनाकर बाकी किसानों को किराये पर मशीन देकर अच्छा खासा पैसा कमा सकते है। आपको बता दें कि, इस योजना के तहत जो किसान अपने मशीनरी बैंक के लिए मशीने खरीदेंगे उन मशीनों पर सरकार उन्हें 24 लाख की मोटी सब्सिडी देगी.. हालांकि, इस योजना के जरिए सरकार की कोशिश है कि, हर किसान को कृषि मशीनरी उपलब्ध कराकर खेती को ना सिर्फ आसान बनाया जाए बल्कि, लागत कम करते हुए प्रोडक्शन को भी बढ़ाया जाए। इस योजना के लिए केंद्र हर राज्य को फंड दे रही हैं.. कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो, इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आपको अपने राज्य के कृषि विभाग के इंजीनियरिंग डिवीजन में संपर्क करना होगा.. अगर आप निजी कृषि यंत्र बैंक बनाएंगे तो सरकार 40 फीसदी पैसा खुद लगाएगी। इसके तहत आप 60 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट पास करवा सकते हैं… यानी कि अपने क्षेत्र के किसानों की जरुरतों को समझते हुए आप इतनी रकम की मशीनें खरीद सकते हैं. आपके इस प्रोजेक्ट में 24 लाख रुपये सरकार लगाएगी. कॉपरेटिव ग्रुप बनाकर भी आप मशीन बैंक तैयार कर सकते हैं. लेकिन इस ग्रुप में 6 से 8 किसान होने चाहिए. ग्रुप में ज्यादा से ज्यादा 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट पास होगा. यानी आपको 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. हम आपको बता दें कि, अब तक देश भर में करीब 20 हजार कृषि यंत्र बैंक बन चुके हैं।Kisan और खेती से जुड़ी हर खबर देखने के लिए Green TV India को Subscribe करना ना भूले ::https://www.youtube.com/user/Greentvindia1

    Green TV India की Website Visit करें :: http://www.greentvindia.com/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *