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Kisan Bulletin 8th Sep- मानधन योजना की शुरूआत

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Kisan Bulletin 8th Sep

Kisan Bulletin 8th Sep

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Kisan Bulletin 8th Sep-

  1. केंद्र सरकार आने वाली 12 सितंबर को जल्द ही किसान मानधन योजना की शुरूआत झारखंड से करने जा रही है। आपको बता दें कि, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को इस योजना की शुरूआत करने जा रहे है। कुछ जानकारों की मानें तो इस कार्यक्रम में करीब 1 लाख से ज्यादा किसान भाग लेने वाले है। केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल की मानें को इस योजना के तहत किसानों का इनरॉलमेंट कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए किया जा रहा है। राज्य मे करीब 10 हजार कॉममन सर्विस सेंटर कार्यरत हैं। जिसके तहत प्रत्येक केंद्र के लिए हर दिन 50 हजार किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आपको बता दें कि, इस कार्यक्रम के शुरू होने से पहले करीब 1 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से लाभन्वित किसानों को चिन्हित करके उनका पंजीकरण मानधन योजना के तहत किए जा रहा है। इसके लिए जिले के उपायुक्तों को निर्देश भी दिए गए हैं। हालांकि, इसके अलावा अगर राज्य सरकार चाहें तो कॉमन सर्विस सेंटर से लॉगिन पासवर्ड लेकर अपनी एजेंसी के जरिए भी किसानों को पंजीरकण इस योजना के तहत कर सकती है। जिसके चलते ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से जुड़ सकेंगे इसके अलावा आपको बता दें कि, 12 सिंतबर को झारखंड में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में किसानों को योजना पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई जाएगी।
  2. बीते दिन मीरजापुर के बरकछा के कृषि विज्ञान केंद्र पर जल शक्ति अभियान के तहत किसान मेले का आयोजन किया गया. इस दौरान इस मेले के मुख्य अतिथियों को जहां सम्मानित किया गया, वहीं मेले में आए अतिथियों, वैज्ञानिकों के साथ वहचां पहुंचे किसानों और छात्रों का स्वागत करते हुए केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर श्रीराम सिंह ने मेले के आयोजन के उद्देश्य का मतलब बताते हुए सभी लोगों की जल संचय करने और इसकी अहमियत समझने की बात कही. वहीं मुख्य अतिथि के तौर पर काशी हिंदू विश्वविघायल के कृषि अभियंत्रण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राम मंदिर सिंह ने भी किसानों से नई तकनीक अपनाने और पानी बचाने की बात कही, उन्होंने कहा की पानी का स्तर दिनों दिन घट रहा है जिससे किसानों को समझदार बन पानी बचाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई से लेकर स्प्रिंकलर का उपयोग करना चाहिए साथ ही परंपरागत सिंचाई से हटकर सिंचाई यंत्रों की जानकारी समझनी चाहिए. यही नहीं इनके अलावा यहां पहुंचे सभी अतिथियों ने किसानों से लेकर वहां मौजूद सभी छात्रों को किसानों पानी के आने वाले भयावह संकट से अवगत कराते हुए आने वाले भविष्य में इसके उपाय को लेकर हल बताया….साथ ही सभी ने किसानों से मृदा संरक्षण के साथ-साथ परंपरागत खेती से हटकर नई खेती करने की बात कही…जिससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ साथ खेती को बेहतर किया जा सके साथ ही जल संकट से भी निजात मिल सके. जाहिर है पानी की समस्या आज के समय में हर जगह आ खड़ी हुई है और किसानों को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है यही वजह है की किसानों को वैज्ञानिक विधि अपनाकर धरती में मौजूद पानी को बचाने के लिए उपाय करना चाहिए
  3. बीते शुक्रवार को दिल्ली में सीआईआई द्वारा तकनीक नवाचार एवं सतत धान उत्पादन विषय पर आयोजित संगोष्ठी को   ने संबोधित किया.. आपको बता दें कि, इस कार्यक्रम में किसानों की आय को बेहतर बनाने के साथ-साथ धान के उत्पादन को लेकर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में करीब 42 राष्ट्रीय औऱ अंतराष्ट्रीय कंपनियों ने हिस्सा लिया। इतना ही नहीं इन सभी कंपनियों को बिहार के कृषि मंत्री ने बिहार आकर काम करने का निमंत्रण भी दिया। आपको बता दें कि, इस समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी थे, इस मौके पर बिहार के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि, धान की खेती में भारत का इतिहास काफी शानदार रहा है। और धान की खेती की सबसे अच्छी स्थिति बिहार में है। और साथ ही, बीज और कृषि यंत्र उत्पादक कंपनियों के लिए बिहार में काफी स्कोप है। जिसके चलते अगर कंपनियां बिहार आकर काम करती हैं, तो राज्य सरकार ना केवल कंपनियों को सहयोग देगी बल्कि उनके साथ मिलकर अच्छा काम भी करेगी। हालांकि, इस दौरान कई कंपनियों ने बिहार सरकार के साथ काम करने की इच्छा भी जताई।

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