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Kisan bulletin 8th June 2019- कृषि आशीर्वाद योजना से किसानों को फायदा

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Kisan bulletin 8th June 2019

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Kisan bulletin 8th June 2019-

अभी कुछ वक्त पहले ही हरियाणा सरकार ने राज्य में पानी के गिरते स्तर को देखते हुए धान की फसल ना करने पर प्रति हेक्टेयर किसानों को 2,000 रूपये देने की योजना का ऐलान किया था.. जिसके चलते अब तक थानेसर ब्लॉक के 1400 किसान आगे आए हैं.. इन किसानों ने 2900 एकड़ में मक्का लगाने के लिए पंजीकरण कराया है। इस योजना के अनुसार, किसान अब 10 जून तक पंजीकरण करवा सकते हैं.. दरअसल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जल ही जीवन है… योजना को शुरू किया गया है.. इस योजना के तहत पीने के पानी को बचाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों की चिंता को दूर करने की तरफ भी कदम बढ़ाया गया है। आने वाले वक्त में पीने के पानी के कई दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं.. और ऐसी स्थिति से बचने के लिए सरकार द्वारा एक पहल की गई हैं. दरअसल,  इन तमाम मुसीबतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब फसल विविधिकरण के तहत कम पानी वाली खेती को अपनाने के लिए किसानों को जागरूक करने का फैसला किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कोशिशों से मक्का की फसल को अपनाने के लिए किसानों को जागरूक करने की यह एक ऐतिहासिक शुरुआत है.. हालांकि, मुख्यमंत्री की इस अनूठी योजना को बेशक छोटे स्तर पर किया जा रहा है, लेकिन आने वाले समय में ये पहल ऐतिहासिक साबित हो सकती है। इस योजना के तहत किसानों को मक्के का बीज मुफ्त दिया जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की किस्त भी सरकार द्वारा भरी जाएगी, किसानों के खातों में 2 हजार रुपये की राशि भी जमा करवाई जाएगी, इतना ही नहीं, इसमें से 200 रुपये की राशि पंजीकरण के साथ और 1800 रुपये की राशि फसल अपनाने पर अगस्त महीने तक किसानों के खातों में जमा करवा दी जाएगी। हालांकि, इससे पानी, बिजली की बचत होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है…

शायद ये बात आप जानते होंगे कि, मध्य प्रदेश की नीमच कृषि उपज मंड़ी मध्य प्रदेश की टॉप 10 मंडियो में जानी जाती हैं.. लेकिन खास बात ये हैं कि, अब जल्द ही ये मंड़ी देश की 5 सबसे बड़ी मंडियों में शामिल होने जा रही हैं… दरअसल, देश के आयुष मंत्रालय ने 5 मंडियों को विकसित करने के लिए नीमच मंडी को चुना है.. जहां पर एक प्रयोगशाला भी बनाई जाएगी.. आपको बता दें कि, करीब 51 करोड़ रूपए की लागत से बनी ये औषधीय मंडी डुंगलावदा चंदेरा में विकसित की जाएगी.. जिसे विकसित करने का जिम्मा पूरी तरह से सरकार का हैं… इतना ही नहीं, आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश की नीमच मंड़ी औषधीय जिंसों में पहले स्थान पर है.. कृषि उपज मंडी नीमच में 34 तरह की अलग- अलग जिंसे बिकने आती है. जिसके चलते ही औषधीय जिंसों की बिक्री के साथ आयुष मंत्रालय में नीमच मंडी को भी शामिल किया है. हालांकि, नीमच की इस मंडी में औषधीय फसलें बड़ी मात्रा में आती हैं. जिसको ध्यान में रखते हुए यहां औषधीय जिंसों की आधुनिक मंडी को विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है… गौरतलब है कि, नीमच मंडी के लिए प्रशासन की ओर प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है… ताकि इस योजना को साकार रूप दिया जा सके..

सरकारी योजनाओं का फायदा उठाकर अपना पद बनाए रखना तो हर राजनेता की पहचान होता हैं.. जैसे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का दायरा बढ़ाकर किसानों को अपनी ओर लुभान की कोशिश की थी.. वैसे ही अब विधानसभा चुनाव को देखते हुए झारखंड के सीएम रघुवर दास ने भी मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का मास्टर स्ट्रोक खेला हैं.. दरअसल, आपको बता दें कि, भारत सरकार की पीएम किसान योजना की तर्ज पर शुरू की गई इस योजना की राशि का दायरा उससे कहीं ज्यादा बड़ा है। और साथ ही ऐसी खबरें भी हैं कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने झारखंड दौरे के दौरान खुद इस योजना की पहली किस्त जारी कर सकते हैं। आपको बता दें कि, मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार सीधे 52 लाख से अधिक किसानों के खाते में राशि भेजेगी। जाहिर है 52 लाख परिवारों को जब सरकार की इस योजना का लाभ मिलेगा तो राजनीतिक हित भी सधेगा। इस योजना के तहत राज्य सरकार 2000 करोड़ की राशि दो किस्तों में जारी कर सकती है। हालांकि, एक हजार करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की जा चुकी है। और हो सकता है कि, 20-25 जून के बीच किसानों के खातों में राशि भेजी जाएगी। तो वहीं इस योजना की दूसरी किश्त दुर्गा पूजा के बाद जारी होगी। गौरतलब है कि, दूसरी किश्त जारी होने के तुरंत बाद ही विधानसभा की अधिसूचना जारी होने की बात कही जा रही है। इससे साफ जाहिर है कि, सामने चुनाव होंगे और इन चुनावों में किसानों का झुकाव एनडीए के पक्ष में हो सकता है। हालांकि साफ तौर पर इस योजना का उद्देश्य किसानों की खेती की लागत को कम कर उनकी आय को दोगुनी करना है। किसानों के खाते में जो सीधे राशि भेजी जाएगी उससे वो बीज, कीटनाशक और खेती के लिए इस्तेमाल में ला सकेंगे। आपको बता दें कि, मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये देने का फैसला लिया गया है। ये राशि अधिकतम पांच एकड़ के लिए दी जाएगी। मतलब देखा जाए तो इस योजना के तहत पांच हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की राशि किसानों के खाते में भेजी जाएगी। इसी के साथ आपको ये भी बता दें कि, इस योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान भी किया गया है।

 

 

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