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Kisan bulletin 8th August 2019- नकली दवा से मुरझाई किसान की फसल

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Kisan bulletin 8th August 2019

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Kisan bulletin 8th August 2019-

  1. मध्य प्रदेश के राइसेन जिले में बिना लाइसेंस की दुकानों पर नकली कीटनाशक दवाएं बेचने का कारोबार जोरो पर है। ऐसे में किसानों की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। आपको बता दें कि, बारिश के दिनों में फसलों में कचरा पैदा हो जाता है। जिससे फसलों को नुकसान होता है। और ऐसे में किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव करते हैं। लेकिन कम पढ़े-लिखे होने के चलते किसान दुकानदार पर भरोसा करके कचरा मार या कीटनाशक दवाएं ले आते हैं। और जब इन दवाओं का छिड़काव फसलों पर किया जाता है. तो किसान को फायदा होने की बजाय नुकसान का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें कि, खजुरिया के रहने वाले किसान हल्के भाई रजक ने 2 बोरा सोयाबीन की फसल पर कीटनाशक दवा का इस्तेमाल किया था, लेकिन इसके छिड़काव से सोयाबीन की फसल सूखने लगी, जिसको देखकर किसान सदमें में आ गया। तो वहीं दूसरी तरफ जिले में ऐसे कई किसान हैं जिन्होनें अपनी फसलों को बचाने और उनकी अच्छी पैदावार के लिए कीटनाशक का छिड़काव किया था, मगर कीटनाशक डालने के बाद किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई। दरअसल ये दुकानदार किसानों को कोई पक्का बिल नहीं देते,जिसके चलते किसान दुकानदार के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही करने से भी वंचित रह जाता है। और इसका फायदा कीटनाशक दवा बेचने वाले दुकानदार जमकर उठा रहे हैं। हालांकि, कहीं ना कहीं ये लापरवाही किसानों की ही है, जो कम पैसों में कचरा मार दवाई लेने के चक्कर में दुकानदारों पर पक्का बिल देने का दबान नहीं बनाते हैं, और इसी का नतीजा है कि, दुकानदार सस्ते दामों में नकली दवाएं देते हैं जिसके छिड़काव से अब किसानों की सोयाबीन की फसल सूखने लगी है।
  2. राजस्थान के श्रीगंगानगर में सरसों और चने की सरकारी खरीद को बंद हुए करीब सवा महीना बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी करीब 225 किसान फसल के भुगतान के लिए क्रय-विक्रय सहकारी समिति कार्यालय के डेढ़ महीने से चक्कर लगा रहे हैं। आपको बता दें कि, पीड़ित किसानों के खातों में भुगतान जमा कराना तो दूर की बात है समिति एवं संबंधित राजस्थान ग्रामीण मरूधरा बैंक के अधिकारी कोई सीधा-साफ जवाब भी नहीं दे रहे हैं। किसान भुगतान के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर है। एक जानकारी के अनुसार, इन किसानों के करीब 2 करोड़ रुपए बकाया हैं। जिसके चलते अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील अध्यक्ष कौर सिंह सिद्धू, पूर्व सरपंच पालाराम की अगुवाई में पीड़ित किसान मंगलवार को सहकारी समिति कार्यालय पहुंचे जहां पर उन्होंने खरीद प्रभारी नत्थासिंह और रामेश्वरलाल से भुगतान करवाने की मांग की। इतना ही नहीं, किसानों ने चेतावनी भी दी है, कि अगर जल्द ही किसानों की फसलों का भुगतान नहीं किया जाता है तो वो बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, इस बारे में दूसरी तरफ खरीद प्रभारी ने बताया कि, 29 जून तक का सभी किसानों का भुगतान संबंधित बैंक खातों में जमा करवाया जा चुका है। मगर राजस्थान ग्रामीण मरुधरा बैंक का आईएफएससी कोड बदलने से कई किसानों के खातों में राशि जमा नहीं हुई और वापस राजफेड के खाते में चली गई। अब राजफेड द्वारा राशि सहकारी समिति के खाते में जमा करवाने के बाद लिस्ट आएगी। इसके बाद समिति संबंधित किसानों के खातों में राशि जमा करवाई जाएगी।
  3. उत्तर प्रदेश के अमीरपुर में तेज आंधी के साथ हुई हल्की बारिश ने किसानों की गन्ने की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है, आपको बता दें कि, बीते मंगलवार की रात अचानक आई तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई थी, जिसकी वजह से किसानों के खेतों में खड़ी गन्ने की फसल गिर गई, किसानों की मानें तो गन्ने की गिरने से उपज कम हो जाएगी, जिसको लेकर किसान काफीं परेशान भी है, हालांकि, कुंभी चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक रणवीर ढाका ने किसानों को सलाह दी है कि जिन किसानों के खेतों में गन्ना गिर गया है उसको जल्द से जल्द खड़ा कराने की कोशिश करें। इसके लिए गन्ने की बंधाई करके नुकसान को कम किया जा सकता है। तो वहीं ममरी में भी तेज आंधी में क्षेत्र के काफी किसानों के खेतों में खड़ी गन्ने की फसल गिरकर चौपट हो गई है। हालांकि, आंधी के साथ हुई बारिश से धान की फसल को फायदा हुआ है। मगर गन्ना किसान गन्ने की गिरने से परेशान है। किसानों का कहना है कि आंधी में गन्ने की फसल गिरने से उसकी बढ़वार प्रभावित होगी। मगर फसल को बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर किसान गन्ने की बंधाई कराने में जुट गए हैं। आपको बता दें कि, तेज आंधी और बारिश के चलते जिन किसानों को नुकसान हुआ, उन्हें तहसील के माध्यम से मुआवजा दिलवाया जाएगा।
  4. राजस्थान के जलौर की भीनमाल पंचायत समिति मुख्यालय में कृषि विज्ञान केन्द्र पर मंगलवार को जल शक्ति अभियान के तहत किसान मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान पंचायत समिति क्षेत्र के करीब 250 किसानों ने भाग लिया।
  5. उत्तर प्रदेश में बांदा जिले में जसपुरा थाना क्षेत्र के बरेठी कलां गांव में कर्ज से परेशान एक किसान ने अपने घर में फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। किसान के ऊपर बैंक का करीब एक लाख रुपये और गांव के साहूकारों का कर्ज था। जिसके चलते बैंक की वसूली नोटिस से घबराकर किसान ने खुदकुशी करने का फैसला किया
  6. बीते बुधवार को कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्वालियर में Input Dealers  ने एक साल का देसी डिप्लोमा के उदघाटन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एस.के.राव, कुलपति ,रा.वि .सिं.कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के मुख्य अतिथि और डॉ. आर. एन. एस. बनाफर, की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

 

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