Kisan Bulletin 7th February 2019- प्याज ने निकाले किसानों के आंसू

Kisan Bulletin 7th February 2019

Kisan Bulletin 7th February 2019-

  1. किसानों की समस्याओं को लेकर 11 फरवरी को अथॉरिटी का घेराव किया जाएगा। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सिटी मैजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर अपनी मांगों के बारे में बताया। ज्ञापन में किसानों के मुआवजे, प्राधिकरण का नाम हटाते हुए बंद रजिस्ट्री तुरंत खोलने, सेक्टर 123 में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स व डिग्री कॉलेज बनाने, किसान संगोष्ठी बनाने जैसी कई मांगों को पूरा करने के लिए कहा है। किसानों ने 11 फरवरी को नोएडा स्टेडियम से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
  2. प्याज के गिरते दामों के कारण प्याज की खेती करने वाले किसान परेशान हैं। महाराष्ट्र के किसानों ने राज्य सरकार से प्याज का न्यूनतम बिक्री मूल्य घोषित करने की मांग की है। बता दें कि इस बार प्याज के दाम पिछले दो वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा कम हैं। किसानों को प्याज का एक रुपये किलो से भी कम दाम मिल रहा है। कई किसानों ने प्याज बेचने पर मिले पैसों को प्रधानमंत्री से लेकर कृषि मंत्री तक मनीऑर्डर भेजा है।
  3. हजारीबाग जिले के बड़कागांव के किसानों के लिए बाजार व्यवस्था नहीं रहने की वजह से उन्हें ओने- पौने दाम पर सब्जियां बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि एक तरफ अच्छी बारिश नहीं होने के कारण धान की खेती नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से किसानों की पूंजी भी वापस नहीं हो पाई है। इस बार फूल गोभी व पत्तागोभी की सब्जी का उत्पादन अधिक हुआ. लेकिन बाजार या यातायात व्यवस्था नहीं रहने के कारण किसान कम दाम में सब्जियां बेचने को मजबूर हैं।

  4. किसान कर्ज माफी का वादा कर मध्य प्रदेश में सरकार बनाने वाली कांग्रेस सरकार के सामने बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। दरअसल, कर्ज माफी के नाम पर करीब 3 हजार करोड़ का घोटाला सामने आया है। राज्य में फर्जी तरीके से रिकॉर्ड में नाम दिखाकर इसे अंजाम दिया गया। प्रदेश के करीब हर जिले से फर्जी कर्ज दिखाकर रकम हड़पी गई है। राज्य में आते ही हुए इतने बड़े घोटाले से सामना होने के बाद कमलनाथ सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
  5. मध्य प्रदेश के किसानों को कर्जमाफी का लाभ 15 दिन बाद यानी 22 फरवरी को मिलना शुरू होगा, लेकिन विधानसभा चुनाव के समय हुई कर्जमाफी की घोषणा के कारण बीते तीन माह में बैंक और किसानों को 13,500 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। यह नुकसान उन्हें एनपीए बढ़ने, कारोबार ठप पड़ने और ब्याज की अदायगी बढ़ने से हो रहा है। दरअसल, घोषणा के बाद से ही किसान ने बैंकों का कर्ज चुकाना और दूसरे लेन-देन करना बंद कर दिया है। डेबिट कार्ड के जरिए एटीएम से पैसा निकालने से भी वे बच रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके बीच यह संदेश था कि बैंक में बकाया राशि की जो अंतिम एंट्री होगी, उसी पर कर्ज माफ हो जाएगा।

 

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