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Kisan bulletin 24th June 2019- PM किसान योजना में सरकार का बड़ा बदलाव

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Kisan bulletin 24th June 2019

Kisan bulletin 24th June 2019 –

हाल ही में सरकार द्वारा जारी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अब सरकार ने बदलाव करने के निर्देश दिए हैं.आपको बता दें कि,दिए हैं. आपको बता दें कि अब इस योजना का लाभ लेने वाले किसानों को घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा अगर किसानों की तरफ से इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उनसे भूराजस्व बकाये की तरह धनराशि की वसूली की जाएगी. इतना ही नहीं गड़बड़ी करने वाले लेखपाल और अन्य अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें कि, किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए सरकार ने ये निर्देश जारी किए हैं की इस योजनमा का लाभ उठाने वाले किसानों को अब घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा. इसके लिए आपको दो प्रतियों में आधार कार्ड की फोटो कॉपी, बैंक पासबुक की दो प्रतियों की फोटो कॉपी, खतौनी की दो प्रतियों की फोटो कॉपी और दो प्रतियों में घोषणा पत्र के साथ मोबाइल नंबर अपने लेखपाल को उपलब्ध कराना होगा. अगर लेखपाल से संपर्क नहीं हो पा रहा है तो किसान खुद ही अपनी तहसील में अपना आवेदन पत्र भर सकते हैं. आपको बता दें की सरकार की तरफ से लागू की गई इस योजना में बढ़ते गड़बड़झाले के चलते सरकार ने घोषणा पत्र को अनिवार्य किया है, ताकि इसे रोका जा सके. साथ ही अगर लेखपाल की तरफ से सूचनाओं के भरने में कोई खामियां पाई जाती हैं तो लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी वहीं अगर किसानों के फर्जीवाडे की बात सामने आती है तो उनसे भू-राजस्व की तरह वसूली की जाएगी.

पिछले साल मध्य प्रदेश के ग्वालियर में किसानों ने जो खाद-बीज अपने खेतों में डाला था वो नकली था. आपको बता दें कि, शहर के सात बीज भंडारणों से लिए गए सैंपल की जांच में वो फेल साबित हुए हैं. जिन पर कृषि विभाग ने कार्यवाई की है साथ ही दो फर्मों के खिलाफ थाने में केश भी दर्ज कराया गया है. गौरतलब है कि, गुणवत्ता विहीन बीज व खाद का प्रयोग करने वाले किसानों को पिछले साल पैदावार में नुकसान उठाना पड़ा था. हालांकि कृषि विभाग की मानें तो उनका कहना है की जिन किसानों ने संस्थाओं से गुणवत्ता विहीन बीज या खाद खरीदी थी वो अपने नुकसान का हर्जाना उपभोक्ता फार्म से ले सकते हैं. इसके लिए कृषि विभाग किसानों की पूरी मदद करेगा. कृषि विकास अधिकारी आनंद बड़ोनिया की मानें तो पिछले साल रवी फसल के मौसम में की जाने वाली बोवनी से पहले 7 बीज भंडारणों और 19 खाद भंडारणों से सैंपल लिए गए थे. जिसकी जांच रिपोर्ट फरवरी महीने में आई तो पता चला था कि बीज के सभी 7 सैंपल फेल हैं. जबकि 12 सैंपल की अपील लगी हुई है जिसकी भारत सरकार की लैब में जांच होने है. हालांकि रिपोर्ट में सैंपल फेल होने के बाद बीज भंडारण करने वाली 3 संस्थाओं को निलंबित कर दिया गया है जबकि 4 फर्म के लायसेंस रद्द कर दिए गए हैं. जाहिर है जहां एक तरफ कंपनियां किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नए रासायनिक व उर्वरक बाजार में ला रही हैं वहीं दूसरी तरफ इस तरह की जालसाजी से किसानों की खेत की मिट्टी और उपज दोनों खराब हो रहे हैं. ऐेसे में कृषि विभाग को इनके पर सख्त कार्रवाई कर कड़े नियम बनाने चाहिए ताकि किसानों के साथ धोखाधड़ी न की जा सके.

नोएडा के बरौला में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में बीते रविवार को किसानों की महांपचायत का आयोजन हुआ. जिसकी अध्यक्षता मास्टर लज्जा राम और पंचायत का संचालन अरुण शर्मा ने किया. आपको बता दें कि इस महापंचायत में आबादी की जमीन पर बने दुकानों को तोड़ने के फैसले के विरोध के किसान यूनियन ने हर रोज बरौला चौक पर प्राधिकरण के पुतला फूंकने का फैसला लिया. साथ ही किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार मिश्र को अपना ज्ञापन भी सौंपा और कहा की अगर उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय होता है वो प्राधिकरण का घेराव करेंगे. उसके साथ सपा नेता राजकुमार भाटी ने कहा कि, बरौला में आबादी की जमीन पर किसान अपना व्यवसाय कर रहे हैं. लेकिन प्राधिकरण एनजीटी की आड़ में किसानों से वो जमीन छीनना चाहता है. जिसको हम होने नहीं देंगे. चाहे हमें जेल जाना पड़े या फिर गोली खानी पड़े. इसके साथ उन्होंने कहा की अब समय आ गया है कि किसान एक साथ हुंकार भरें और अपने अधिकारों को प्राप्त करें.

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