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Kisan Bulletin 23rd August- आलू की मंदी से चिंता में किसान

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Kisan Bulletin 23rd August

Kisan Bulletin 23rd August

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Kisan Bulletin 23rd August-

  1. उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद में पिछले करीब तीन सालों से आलू किसान मंदी की मार झेलने पर मजबूर है। और अब आलम ये हो चला है कि किसान और व्यापारियों का करोड़ों रुपया फंसा पड़ा है। बाहर की मंडियों से आलू की मांग ना आने की वजह से करीब 70 फीसद आलू कोल्ड स्टोर में ही पड़ा हुआ है। तो वहीं दूसरी तरफ कोल्ड स्टोर मालिक उन्हें बाहर निकालने का दबाव बना रहे हैं। जिसके चलते मजबूरन किसान आलू को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर है। किसानों के लिए आलू का लागत मूल्य तक निकाल पाना मुश्किल हो रहा है। आपको बता दें कि, पूरे देश में आलू उत्पादन के लिए उत्तर प्रदेश का फर्रूखाबाद सबसे ज्यादा मशहूर माना जाता है, यहां से आलू मुंबई, गुवाहाटी सहित देशभर की कई मंडियों में भेजे जाते हैं। लेकिन इस बार यहां के आलू की मांग ना के बराबर है। जिसके चलते स्थानीय बाजारों में आलू की आपूर्ति बढ़ गई है, और किसानों को आलू का भाव थोक में नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों का कहना है कि, वैसे तो वो तीन साल से ही मंदी झेल रहे हैं मगर इस बार कमर ही टूट रही है।
  2. गंगहेड़ी से नारनौल तक बनने वाले नेशनल हाइवे 152डी प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित जमीन को लेकर किसानों का धरना लगातार जारी है। तो वहीं दूसरी तरफ बीते गुरूवार को धरने को समर्थन देने किसान न्याय यात्रा कस्बे में पहुंची। आपको बता दें कि, किसान न्याय यात्रा का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि, केंद्र सरकार ने नेशनल हाइवे 152डी प्रोजेक्ट के लिए किसानों की खेती की जमीन अधिग्रहण की थी जिसमें करीब 250 से ज्यादा किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई हैं। साथ ही, किसानों को उनकी मांगों के हिसाब से मुआवजा राशि नहीं दी जा रही हैं जिसके चलते किसान पिछे करीब 6 महीनें से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसको लेकर यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी इंद्र ने कहा कि ये किसानों के साथ सरासर सरकारी अन्याय है। कतो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश प्रभारी सुखदेव सिंह और जिलाध्यक्ष सर्वजीत सिंह ने ये ऐलान किया है कि, किसान दो करोड़ रुपए प्रति एकड़ से कम में जमीन पर सड़क नहीं बनने देंगे। इस लड़ाई को कोर्ट में लेकर जाएंगे। साथ ही सरकार के बिचौलिये बनकर किसानों को लूटने वाले अधिकारियों को भी कोर्ट में घसीटा जाएगा।
  3. मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव ने बीते गुरूवार को ये साफ किया है कि, राज्य सरकार किसानों की कर्जमाफी के लिए प्रतिबद्ध है। तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा है कि, किसान हितैषी कमलनाथ सरकार अपने वादे को पूरा करने के लिए राज्य के हर एक किसान की कर्जमाफी करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले कांग्रेस ने वचन-पत्र में यह कहा था कि सरकार सभी किसानों के दो लाख रुपए तक के कर्ज को माफ करेगी और अब सरकार किसानों से किए अपने इस वादे को पूरा करने जा रही है। और तो और कृषि मंत्री ने ये भी कहा कि, कांग्रेस पार्टी अपने हर वादे को निभाती है औऱ बस इसी के चलते शपथ ग्रहण के 2 घंटे के अंदर ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कर्जमाफी की फाइल पर साइन कर दिए।
  4. बीते गुरूवार को कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर के वैज्ञानिकों डॉ राजपाल सिंह तोमर और डॉ पी के एस गुर्जर ने किसानों को द्वारा आयोजित किए गए सहकारिता सम्मेलन में भाग लिया।

  5. मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में संतरे की फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों की फसल का बीमा नहीं होने से किसान परेशान है हालांकि, किसानों ने अधिकारी को जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपकर इस समस्या का समाधान मांगा है, और साथ ही कंपनी से बीमा की अवधि को बढ़ाने की मांग भी की है।
  6. छत्तीसगढ़ के जशनपुरा में खरीफ सीजन में धान बेचने के लिए किसानों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की ज़रूरत नहीं है। दरअसल, सरकार के आदेश के अनुसार, पिछले साल के रजिस्टर्ड किसानों को इस साल के लिए रजिस्टर्ड माना जाए। इसके अलावा अगर किसानों को अगर कोई जानकारी अपडेट करानी है, तो वो 31 अक्टूबर तक करा सकते हैं।

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