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Kisan Bulletin 19th May 2019- पानी की कमी से परेशान किसान ने की खुदकुशी

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Kisan Bulletin 19th May 2019

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Kisan Bulletin 19th May 2019-

  1. जहां एक तरफ महाराष्ट्र एक बार फिर से पानी के लिए तरस रहा है वहीं दूसरी तरफ सतारा जिले में बीते दिन एक किसान ने पानी की समस्या से परेशान होकर खुदकुशी कर ली. आपको बता दें की सूखे के चलते जहां एक तरफ खेती से लेकर मवेशियों को पालने में दिक्कतें सभी किसानों की परेशानियों का सबब बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ 47 वर्षिय संपत कोकरे ने बीते दिन अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. मामले की जांच कर रहे अधिकारी की मानें तो उनका कहना है की संपत कोकरे ने अपने पत्नी और बेटी की गैरहाजिर में खुदकुशी की, हमने बॉडी को अपने अंडर लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, वहीं किसान के रिश्तेदारों की मानें तो उनका कहना है की सूखे और पानी की कमी के चलते उनके पास इस समय परेशानियां काफी बढ़ गई थी. घर में मवेशियों को पानी देने से लेकर खेते में उनकी फसलें सूख चुकी हैं जिसके चलते उन्होंने ये कदम उठाया. वहीं पुलिस की मानें तो उनका कहना है की संपत को शराब की आदत थी और वो बेरोजगार था जिसके चलते उन्होंने ये कदम उठाया, हालांकि अभी मामले की जांच चल रही है.
  2. उत्तर प्रदेश में बेसहारा पशुओं के संरक्षण की बात तो काफी पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही थी, लेकिन अभी तक उस पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है. क्योंकि जहां एक तरह बेसहाहा घूमने वाले पशुओं की तादात आए दिन बढ़ रही है, वहीं गौशालाऐं छोटी पड़ रही हैं. जिसके चलते रात के समय में ये मवेशी सड़कों डेरा डालकर झुंड में बैठ रहे हैं और खेतों में तैयार हो रही किसानों की फसलों को खराब कर देते हैं. जहां एक तरफ किसानों की फसल इन मवेशियों के चलते बड़ी नहीं पा रही वहीं दूसरी तरह रात के समय में ये दुर्घटना का कारण बन रहे हैं. जिससे प्रदेश के किसान काफी परेशान हैं. प्रदेश के पीलीभीत के कबीरपुर पंचायत के किसानों की मानें तो उनका कहना है यहां लगभग 15 मवेशी इतने खतरनाक हैं की वो फसल को नुकसान पहुंचाने के गांव के लोगों को भी नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में लोगों को घर से निकलना भी मुश्किलों भरा हो गया है. जाहिर है, इस तरह के मवेशी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की भी वजह बनते हैं. हालांकि ये जानवर किसानों और डेयर फॉर्म की ही वजह से दिनों दिन बढ़ रहे हैं. क्योंकि अधिकर किसान बछड़ों के बड़े होने पर यूं ही छोड़ देते हैं जो बाद में फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ परेशानियों की वजह बनते हैं.
  3. नारनौल से कुरुक्षेत्र तक बनने जा रहे नेशनल हाईवे 152 डी के भूमि अधिग्रहण को लेकर मुआवजे की मांग कर रहे किसानों का धरना लगातार जारी है. आपको बता दें की जींद-रोहतक मार्ग पर किलाजफरगढ़ गांव के पास किसान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना रोष प्रकट कर रहे हैं.. आपको बता दें कि, इस धरने में करीब 12 से ज्यादा गांव के किसानों ने भाग लिया हैं.. इतना ही नहीं, किसानों ने आने वाली 26 मई को सरकार के इखलाफ बड़ा आंदोलन करने के रणनीति तैयार की हैं.. किसानों को धरने पर बैठे कई महीने हो चुके हैं लेकिन सरकार किसानों की सुध तक नहीं ले रही हैं.. ऐसे में किसानों का साथ देते हुए भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश दलाल ने कहा कि सरकार ने कलेक्टर रेट को रिवाइज नही करवाया है। इसी के साथ हम आपको बता दें कि, धरने पर बैठे किसान उनकी भूमि अधिग्रहण का बढ़ा हुए मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे है… और जब तक किसानों को मुआवजा नही मिल जाता किसानों का धरना जारी रहेगा। किसानों की मांग है कि उन्हें दो करोड़ रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए ताकि किसानों के परिवारों का पालन पोषण ठीक तरीके से हो सके।

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