Kisan bulletin 14th March 2019- अब गेहूं में नहीं लगेगा पीला रतुआ

Kisan bulletin 14th March 2019

Kisan bulletin 14th March 2019-

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस की सरकार बनते ही 10 दिनों के अंदर किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था.. लेकिन सरकार बने 3 महीने पूरे होने वाले हैं, और किसानों का कर्ज अभी तक माफ नहीं किया गया हैं, बता दें कि किसानों को दो लाख रूपए तक कर्जा माफ किया जाना था। अभी तक सिर्फ बैंकों से डिफाल्टर किसानों की सूची ही जारी की गई है। दरअसल, कर्जमाफी की राशि किसानों के केसीसी खातों में स्थानांतरित नहीं की गई है। समय पर कर्जमाफी न होने से किसान खफा हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के साढ़े चार लाख से अधिक आवेदनों का सत्यापन हो चुका है। अब तक इस योजना में बिहार के 26.18 लाख किसान आवेदन कर चुके हैं। आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाने के लिए सभी अंचलों में कैंप लगा कर आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है। अब तक करीब दो लाख किसानों के खाते में पहली किस्त के रूप में दो हजार की राशि भेजी जा चुकी है।

कुशीनगर जिले के कप्तानगंज केन यूनियन परिसर में एक गन्‍ना किसान की अचानक मौत हो गई। बताया जाता है कि उसकी खेत में खड़ी गन्‍ने की फसल सूख रही थी और वह पर्ची के लिए चक्कर लगा रहा था। मृतक के परिजनों का कहना है कि, पर्ची न मिलने से किसान सदमे में था जिसके चलते उसकी मौत हो गई है। किसान की मौत ने सरकार और सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है।

पश्चिम चंपारण के रामनगर चीनी मिल ने ट्रायल के लिए शुगर केन हार्वेस्टर मशीन मंगवाया है। शुगर केन हार्वेस्टर मशीन का ट्रायल सफल होने पर किसानों को गन्ने की कटाई व छिलाई के लिए मजदूरों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मिल को भी साफ व ताजा गन्ना उपलब्ध हो सकेगा। इस मशीन की कीमत 95 लाख है, लेकिन पूरा प्रोजेक्ट करीब डेढ़ करोड़ का है। इस मशीन को चलाने के लिए किसान से लेकर चीनी मिल के लोगों को आवश्यक बदलाव करना होगा।

गेहूं में पीला रतुआ रोग से परेशान रहने वाले किसानों के लिए ये राहत देने वाली खबर है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गेहूं विभाग के वैज्ञानिकों ने एक नई किस्म WH1184 तैयार की है जो पीला रतुआ बीमारी का प्रतिरोधक है। राज्य सरकार की तरफ से इस किस्म की स्वीकृति भी मिल गई है मगर अभी राष्ट्रीय स्तर पर इस किस्म का रिलीज होना बाकी है। विश्वविद्यालय के मेला ग्राउंड में आयोजित कृषि मेले में इस किस्म को किसानों को दिखाने के लिए प्रदर्शित किया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार इस किस्म के किसानों तक पहुंचने में एक से डेढ़ साल लगेगा।

गेहूं उत्पादक किसान अब पुराने पंजीकरण पर भी सरकारी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। ऐसे किसानों को सिर्फ अपना पुराना पंजीकरण संशोधित करना होगा। किसान इसके लिए 31 मार्च तक पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए खाद्य एवं विपणन विभाग की वेबसाइट संचालित हैं। जनपद में सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर एक अप्रैल से समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने की शुरूआत होगी। क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने वाले किसानों को अगले चार दिन में खरीदे गए गेहूं का भुगतान करना होगा। यह राशि संबंधित किसान के बैंक खाते में पहुंचाई जाएगी।

 

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