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पराली को आमदनी का जरिया बनाएं किसान- पुरूषोत्तम रूपाला

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Kisan Bulletin 10th Sep

Kisan Bulletin 10th Sep

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Kisan Bulletin 10th Sep-

  1. बीते सोमवार को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा में पराली प्रबंधन पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला ने पराली प्रबंधन के लिए किसानों के साथ ही कृषि वैज्ञानिकों की भी सराहना की.. इतना ही नहीं, इसके अलावा उन्होंने कहा कि, किसानों को पराली प्रबंधन के लिए तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए, साथ ही, उन्होंने ये भी बताया कि, पराली प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं और कस्टम हायरिंग सेंटर से छोटे किसान भी लाभ उठा सकते हैं। तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पराली जलाने से होने वाले नुकसान, पराली प्रबंधन के इस्तेमाल, इसके फायदों के साथ ही, सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही सब्सिडी के बार में जानकारी दी.. आपको बता दें कि, केंद्र सरकार की कोशिशों से पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पराली जलाने के मामलों में काफी कमी आई है। तो वहीं ICAR के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि, किसानों के सहयोग और कोशिशों के जरिए इस तरह की चुनौतियों से आसानी से लड़ा जा सकता है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पराली प्रबंधन योजनाओं के चलते ही पराली जलाने की घटनाओं में 2017 की तुलना में 15 फीसदी और 2016 की तुलना में 41 फीसदी की कमी आई है। आपको बता दें कि, पराली जलाने से ना केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है बल्कि, लोगों के स्वास्थय के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरक क्षमता में भी कमी आती है।
  2. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में बीते सोमवार को किसानों ने गन्ना बकाया को लेकर कलेक्ट्रेट में धरना दिया। आपको बता दें कि, इस दौरान किसान अपने कपड़े, बर्तन, चक्की आदि के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिसके बाद किसान डीएम कार्यालय के सामने कपड़ा बिछाकर बैठ गए.. किसानों ने अब गन्ना भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया.. और सोमवार की सुबह से ही रशीदपुर गढ़ चौक पर भारी संख्या  में जाकर इक्ठ्ठा हो गए.. और वहां से कलेक्ट्रेट तक किसानों ने नारे बाजी करते हुए कूच किया.. इसी बीच प्रशासन या पुलिस अधिकारियों ने कहीं पर भी किसानों को रोकने की कोशिश नहीं की.. जिसके बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट में पहुंचकर आंदोलन शुरू कर दिया.. इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि, जो लोग किसानों की आवाज उठाते हैं उनपर प्रशासन मुकदमे दर्ज कर देती है तो वहीं सेंटिंग करने वालों को कुछ नही कहा जाता है। जिले में अमीरों के लिए अलग और गरीबों के लिए अलग कानून चल रहा है। उन्होंने कहा कि, अब या तो किसानों की समस्याओं का समाधान होगा, या फिर महाभारत होगी.. जिले में पिछले करीब 35 सालों से चल रही चकबंदी बंद नही की जा रही है, और ना ही भ्रष्ट अफसरों पर कोई कार्यवाही की जा रही है। अपनी इन सभी मांगो को लेकर ही किसानों ने बीते सोमवार को कलेक्ट्रेट की बाहर जमकर आंदोलन किया..
  3. आने वाली 12 तारीख को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड की राजधानी रांची में किसान मान-धन योजना की शुरूआत करेंगे. आपको बता दें की इस योजना के तहत 60 साल की आयु के पांच करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को कम से कम 3 हजार रुपये प्रतिमाह की पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी. जहां सरकार का मकसद इस योजना से वृद्ध किसानों के जीवन को सुरक्षित करना चाहती है. तो वहीं इस योजना के चलते केंद्र सरकार को आने वाले तीन साल में लगभग 10,774 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. आपको बता दें की इस योजना का लाभ पाने वाले सभी छोटे और सीमांत किसान जिनकी उम्र अभी 18 से 40 के बीच है वो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ ही किसान अपना मासिक योगदान पीएम-किसान की किस्तों से या सीएससी के माध्यम से भी कर सकते हैं. वहीं आपको बता दें की प्रधानमंत्री मोदी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के छात्रों को उच्च प्राथमिक, माध्यमिक के साथ-साथ वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर शिक्षा देने के लिए 400 एकलव्य मॉडल आवासिय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा प्रधानमंत्री रांची में कई अन्य चीजों का भी उद्घाटन करेंगे.
  4. सरकार द्वारा नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालकों पर भारी-फरकम जुर्माना लगाया जा रहा है. जिसके बाद से सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें वायरल हो रही है. हालांकि इन सबके बीच सोशल मीडिया पर एक और खबर वायरल हो रही है जिसमें हरियाणा के फतेहाबाद में एक किसान के ट्रैक्टर का 57 हजार का चालान कटने के बाद परेशान किसान ने फांसी लगा ली.
  5. जल्द ही कश्मीर शहद का काफी बड़ा बाजार बनने जा रहा है। और इसके लिए खादी ग्रामोद्योग आयोग उनकी मदद करेगा. आपको बता दें कि, खादी ग्रामोद्योग ने इस साल कश्मीर में दो लाख रोजगार सृजन करने का भी लक्ष्य रखा है।

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