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किसान बुलेटिन 25 दिसंबर 2018- यूरिया नहीं मिलने पर सड़कों पर उतरे किसान

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किसान बुलेटिन 25 दिसंबर 2018

किसान बुलेटिन 25 दिसंबर 2018-

  1. मध्य प्रदेश में नई सरकार ने किसानों के कर्ज माफ करने की दिशा में कदम तो उठा लिए हैं लेकिन प्रदेश में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले दो दिनों में दो किसानों ने कर्ज के दबाव में खुदकुशी कर ली. शाजापुर ज़िले के कालापीपल के रहने वाले 65 साल के प्रेम नारायण रघुवंशी ने 20 दिसंबर को ज़हर पी लिया, सोमवार को भोपाल के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. तो वहीं, शनिवार को खंडवा ज़िले के अस्तरिया में एक आदिवासी किसान ने आत्महत्या कर ली थी. मृतक किसानों के परिजनों का आरोप है कि सरकार ने कर्ज माफी का ऐलान किया लेकिन राज्य सरकार ने 31 मार्च 2018 तक का कर्जा माफ करने की घोषणा की, इसी तनाव में करीब 3 लाख के कर्ज में डूबे 45 साल के जुवान सिंह ने जान दे दी।
  2. किसान कर्ज माफी जैसे मुद्दों के सहारे बड़ी जीत हासिल करने में सफल रही कांग्रेस पर भाजपा अब उसी हथियार से पलटवार में जुट गई है। कांग्रेस शासित पंजाब और कर्नाटक में अब तक कर्जमाफी के लिए गंभीर कदम न उठाए जाने और कर्नाटक में अब तक लगभग चार सौ किसानों की आत्महत्या का हवाला देते हुए भाजपा ने वादाखिलाफी का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इन राज्यों में किसान बैंक के नोटिस से परेशान हैं और खोखले वादे करने वाले राहुल गांधी को ये किसान सोने नहीं देंगे।
  3. आंध्र प्रदेश सरकार ने 6 जिलों में 296 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। खरीफ के साथ-साथ बारिश नहीं होने के कारण इन क्षेत्रों में किसान रबी की फसलों की बुवाई भी नहीं कर पाए। ऐसे में यहां किसानों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। परिवार को पालने के लिए अब उन्हें यहां से पलायन को मजबूर होना पड़ रहा है।

  4. सरकार के दावे के बावजूद कई शहरों में किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा। रबी फसलों को लेकर चिंतित किसान अब आक्रोशित हो रहे हैं। विदिशा और राजगढ़ में यूरिया नहीं मिलने पर किसानों ने जाम लगा दिया। यही स्थिति छतरपुर में भी रही। राजगढ़ में आठ दिन में तीसरी बार किसानों ने हाईवे पर जाम लगाया है।
  5. बुलंदशहर जिले के किसान आलू की अधिक पैदावार के लिए खेतों में देसी शराब का छिड़काव कर रहे हैं। किसानों की मानें तो इससे फसल पर शीतलहरी का प्रकोप नहीं लगता है। आलू की पैदावार अधिक होती है और आलू का साइज भी मोटा होता है। जिससे अधिक मुनाफा होता है। लेकिन इसके विपरित वैज्ञानिकों का कहना है कि देसी शराब का छिड़काव गलत है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

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