जन्मदिन विशेष : सदाबहार गीतकार गोपाल दास नीरज का 93 साल की उम्र में भी जारी है कारवां…

‘काल का पहिया घूमे रे भइया’, ‘ए भाई जरा देख कर चलो’, ‘कहता है जोकर सारा ज़माना’ जैसे यादगार गीत रचने वाले मशहूर और गीतकार गोपाल दास ‘नीरज’ का आज जन्मदिन है। आज 4 जनवरी को नीरज 92 साल के हो गए। आज की पीढ़ी शायद उनके नाम से परिचित न हो लेकिन, नीरज को हिंदी फ़िल्मी गीतों को नया तेवर, कोमलता और स्पर्श देने के लिए जाना जाता है।
नीरज एक कवि हैं लेकिन फ़िल्मों के लिए भी उन्होंने कई यादगार गीत लिखे हैं! कवि सम्मेलनों में अपार लोकप्रियता के बाद नीरज को मुंबई से फ़िल्म ‘नई उमर की नई फसल’ के गीत लिखने का बुलावा आया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया और यही से उनके गीतकार बनने के सफर की शुरुआत हो गयी । पहली ही फ़िल्म में संगीतकार रोशन के साथ उनके लिखे कुछ गाने जैसे ‘कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे’, और ‘देखती ही रहो आज दर्पण न तुम’, ‘प्यार का यह मुहूर्त निकल जायेगा’ बेहद लोकप्रिय हुए। उसके बाद नीरज का फ़िल्मों में गीत लिखने का सिलसिला शुरू हो गया जो ‘मेरा नाम जोकर’, ‘शर्मीली’ और ‘प्रेम पुजारी’ जैसी अनेक चर्चित फ़िल्मों तक जारी रहा।

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