चीन की चाल! मालदीव ने कहा हमें जरूरत नहीं भारत के सैनिक और हेलीकॉप्टरों की, वापस ले जाओ इन्हें

चीन की चाल!

मालदीव ने बयान जारी करते हुए कहा है कि, भारत अपने सैन्य हेलीकॉप्टर और सैनिक अपने देश वापस बुला ले. वहीं इस पर सफाई देते हुए मालदीव के राजदूत अहमद मोहम्मद ने कहा कि, जून में ही भारत और मालदीव के अनुबंध खत्म हो चुके हैं. इस कारण मालदीव सरकार ने ये कदम उठाया है. हालांकि मालदीव का ये कदम चीन समर्थक राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की तरफ से भारत के लिए करारा झटका माना जा रहा है.

गौरतलब है कि, पिछले कुछ समय से मालदीव में भारत और चीन के बीच लगातार कशमकश चल रही है. हिंद महासागर में भारत का सैन्य और सिविल साझीदार रहे मालदीव ने साल 2011 में अपना दूतावास खोला था. जिसके बाद से चीन यहां लगातार सड़कें, पुल और बड़े एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में जु़टा हुआ है. जिसकी वजह से मालदीव पर भारत की पकड़ लगातार कमजोर होती जा रही है.

यामीन सरकार का विरोध बना मुसीबत-

मालदीव के लगभग 400 किलोमीटर दूर स्थित राष्ट्रपति यामीन ने साल 2018 के शुरूआत में यहां पर आपातकाल लागू कर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी. जिसका भारत ने कड़ा विरोध किया था. विरोध के चलते चीन और मध्य पूर्व देशों के बीच सबसे व्यस्त समुद्री रास्ते में स्थित इस द्वीप समूह का झुकाव, यानि की यामीन सरकार का झुकाव चीन की तरफ ज्यादा हो गया है.

जिसकी वजह से हिंद महासागर में छोटे देशों को एक्सक्लूसिव आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा मुहैया कराने, सुमद्री डकैतों से उन्हें बचाने के कार्यक्रम को भी तगड़ा झटका लगा है.

वहीं मालदीव के राजदूत अहमद मोहम्मद ने कहना है कि, इस समय भारत के दो सैन्य हेलीकॉप्टर हमारे यहां मौजूद हैं. जो समुंद्र में फंसे लोगों को बचाने के लिए काम आते थे. उन्होनें कहा कि पहले भी इनका इस्तेमाल बहुत कम हुआ है. लेकिन अब मालदीव ने खुद क्षमता विकसित कर ली है, जिससे अब उसे भारतीय सैन्य हेलीकॉप्टरों और सैनिकों की जरूरत नहीं है.

अहमज मोहम्मद ने आगे कहा कि, दोनों देश अब भी हर महीने एक्सक्लूसिव आर्थिक क्षेत्र की संयुक्त गश्त कर रहे हैं. गौरतलब है कि, मालदीव में इस समय भारत के 50 सैनिक वहां मौजूद हैं, जिनमें सैन्य हेलीकॉप्टरों के पायलट और मेंटीनेंस क्रू भी शामिल हैं. इस समय इनके वीजा भी खत्म हो चुके हैं. हालांकि अभी सरकार की तरफ से उन्हें द्वीपसमूह छोड़ने के लिए नहीं कहा गया है.

 

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