महाराष्ट्र : यवतमाल के गांवों में दूषित पानी से 14 की मौत, 38 हॉस्पिटल में भर्ती

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में एक बार फिर कई ग्रामीण बेमौत मारे गए हैं। यवतमाल के गांवों में दूषित पानी पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। दरअसल जहरीला पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 38 लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यवतमाल के आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण हॉस्पिटल के OSDM डॉ. अभ्यूदय मेघे ने बताया कि 38 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें से 13 की हालत गंभीर है। इनमें किरेटिन की ज्यादा मात्रा पाई गई है। पानी में नाइट्रेट की मात्रा भी ज्यादा मिली है।

गांव के लोगों का आरोप है कि जहरीले पानी की शिकायत उन्होंने काफी पहले ही स्थानीय प्रशासन से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि पानी की जांच तक नहीं की गई। हैरानी की बात तो ये है कि लोग लगातार मर रहे हैं और प्रशासन आंख बंद किए बैठा है।

यही नहीं अब आपको जो हम बताने जा रहे हैं उससे सुनकर आपको और दुःख होगा और गुस्सा भी आएगा। दरअसल जब कई मौते होने पर आचार्य विनोबा भावे अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम एक अन्य गांव असोला पहुंची और वहां से किडनी के 25 मरीजों को अपने साथ अस्पताल में लाई। आसपास के गांवों में किडनी के 85 मरीजों की पहचान की गई है। डॉक्टरों ने गांव के करीब 200 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जिनमें से 110 में किडनी का इंफेक्शन निकला। डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी पीने से लोगों की किडनी खराब हो रही हैं।

इससे पहले भी यवतमाल में पिछले साल एक दर्दनाक हादसा हुआ था। जब जहरीले कीटनाशक की चपेट में आकर 20 किसानों की मौत हुई थी। करीब 700 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए थे। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिवार को दो-दो लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया था।

 

 

 

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