इस माँ ने सब्ज़ी बेचकर पढ़ाया, बेटी ने भी फिर डॉक्टर बनकर दिखाया

इस माँ ने सब्ज़ी बेचकर पढ़ाया, बेटी ने भी फिर डॉक्टर बनकर दिखाया

इस माँ ने सब्ज़ी बेचकर पढ़ाया, बेटी ने भी फिर डॉक्टर बनकर दिखाया  हमीरपुर : जहां एक तरफ़ लोग लाखों सुविधाओं के बाद भी सफ़लता हासिल नहीं कर पाते हैं वहीं इन्ही लोगों में से कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके पास खाने को दो वक़्त की रोटी भी ठीक से नहीं जुट पाती मगर फिर भी वो अपनी कठिन से कठिन मंजिल को जी तोड़ मेहनत कर हासिल कर ही लेते हैं। दरअसल यूपी के हमीरपुर जिले में एक गरीब महिला ने पति की मौत के बाद ना सिर्फ अपने परिवार को बिखरने से बचाया बल्कि उसने अपनी बेटी को डाक्टर बनाने का सपना पूरा कर दिखाया। डाक्टर लड़की की मां अभी भी बाजार में रोड किनारे सब्जी बेचती है वहीं उसका भाई गली कूचो में केला बेचता है। आपको बता दें कि हमीरपुर जिला मुख्यालय से 32 किमी दूर मौदहा कस्बे में श्रीमती सुमित्रा इन दिनों गरीब महिलाओं के लिये रोल आफ माडल बन गयी है।

सुमित्रा के पति संतोष मजदूरी करके अपने परिवार का गुजर बसर करता था। दो बेटियों और तीन बेटों का पिता दिन भर मजदूरी करता था। 12 साल पहले बीमारी में संतोष की मौत हो गयी तो सुमित्रा पर दुखों का पहाड़ ही फूट गया। फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। बताया जाता है कि सुमित्रा ने बड़ी बेटी अनीता को डाक्टर बनाने के लिए दूसरे के घरों में झाड़ूू पोंछा किया और फुटपाथ पर सब्जी बेचना शुरू किया। इण्टरमीडियेट करने के बाद अनीता सीपीएमटी एक्जाम में पास हुई। जिसके बाद सैफई मेडिकल कालेज में उसे दाखिला मिला। सीपीएमटी में अनीता को मिली थी 682 रैंक बताते है कि अनीता हाईस्कूल में 71 और इण्टरमीडियेट में 75 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने क्षेत्र के स्कूलों में टॉपर रही है। वाकई हैरानी की बात है मगर ये सच है कि एक सब्ज़ी बेचने वाली की बेटी इतने अभावों के बाद भी डॉक्टर बन गई। ये डॉक्टर और इसकी माँ वाकई पूरे समाज के लिए मिसाल हैं।

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