मानसून की ताक में खेतों की मेढ़ सजाता किसान

मानसून

हर खेत को अच्छी उपज के लिए पानी की जरुरत होती है. जिसके लिए हर भारतीय किसान मानसून की ताक में रहता है. लेकिन मानसून आने के एक पखवाड़े के बीत जाने के बाद भी, जब मानसून बिना बारिश के गुजर जाता है. तो खेतों में बैठा किसान मेढ़ों की ही बांट संजोता रहता है.

पिछले कुछ सालों से बदलते मौसम के घटनाक्रम ने जहां पूरी दुनिया को परेशानी में ड़ाल रखा है. वहीं भारत में मानसून पर निर्भर रहने वाले किसानों के लिए श्राप साबित हो रहा है.

कहीं सूखा, कहीं बाढ़ तो कहीं सामान्य से कम बारिश होना पिछले कुछ सालों से बदलते मौसम के घटनाक्रम को दर्शाता है. जिससे साफ जाहिर होता है कि धान की रोपाई करने के लिए तैयार खेत अभी भी मानसून के बरसने का इंतजार कर रहे हैं. बारिश के इंतजार में बैठे किसान न तो जमीन से पानी निकालने में सक्षम हैं और न ही बिना पानी के अपनी फसल को लगाने में.
पिछले कुछ सालों से जिस तरह से मौसम ने करवट ली है. उस देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है की मानसून अपने आने के साथ कहीं बाढ़ लाता है, तो कहीं बिना बरसे ही गुजर जाता है. जिस तरह से हमारे देश के किसानों से लेकर कल-कारखानों ने जमीन के अंदर से पानी का दोहन किया है. उस से गिरते जल स्तर से साफ जाहिर है कि अब किसानों के लिए मानसून के अलावा कोई और रास्ता नही है. खरीफ की फसल का वक्त हो चुका है. मगर जिस तरह से मानसून दस्तक देकर भी बरसने को तैयार नही है. उस से खेती में उपज की बढ़ोत्तरी कल्पना मात्र है.
हर जिले में 25 हजार हेक्टेयर भूखंड पर धान की खेती का लक्ष्य शायद लक्ष्य मात्र है. जिले के कृषि विभाग द्वारा और भी फसलों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. लेकिन बिना मानसून के इस लक्ष्य को धरातल पर उतारना कठिनाइयों भरा है.
मौसम विभाग की माने तो पिछले दो महीने, मई और जून में औसतन ‘‘32 मिमी और 165 मिमी’’ बारिश होनी चाहिए. लेकिन मई महीने में केवल 20 मिमी और पूरे जून महीने में 41 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है. जोकि औसत के हिसाब से बहुत कम है. ऐसे में किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आना वाकिफ है.
जिसके चलते कृषि विभाग भी चिंतित है. मानसून में इस तरह की गिरावट का दर्ज होना जहां किसानों के लिए आफत की बात है. वहीं खेतों में लगने वाली खरीफ फसल के लिए भी मुश्किलों भरा है. जिस पर कृषि विभाग का कहना है कि अभी मानसून का वक्त है. खेतों में खरीफ की फसल की रोपाई करने का वक्त अभी भी है. मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के बेहतर रहने की उम्मीद अभी भी बरकरार है. कृषि विभाग की तरफ से किसानों की हर समस्या का समाधान किया जायेगा.

 

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