भारी बारिश और आँधी से किसान बेहाल, अनाज की फ़सले बर्बाद

कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों को बहुत नुकसान पहुंचा दिया है , किसानों की तैयार खड़ी फसले बारिश की वजह से गिर गई है आंधी और बारिश ने किसानों के अरमानों को फिर से धो डाला। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को 3.1 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। उधर, देर रात फिर आंधी-बारिश का कहर शुरू हुआ। बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह टीन-टप्पर उड़ गए। फफूंद में खेतों में पड़ी फसल भीग गई। दिबियापुर में भी जनजीवन प्रभावित रहा। मुरादगंज के किसान बोले, बर्बाद हो गए हम
किसान हरवीर सिंह सेंगर निवासी भूरेपुर ने बताया कि पांच बीघा में गेंहू की फसल तैयार खड़ी थी। चार बीघा फसल का गेहूं कटा हुआ पड़ा है। एक बीघा में जो गेहूं की फसल खड़ी थी वह खेत में पूरी तरह से बिछ गई है। इसी तरह लोकेन्द्र सिंह निवासी चंदनापुर ने बताया कि बारिश से उनकी तीन बीघे फसल खराब हो गई। यह फसल खेतों में खड़ी थी। बारिश के चलते रात भर नींद भी नहीं आई। सुबह का नजारा देखकर उन्होंने माथा पकड़ लिया। सलैया निवासी सुमित नारायण ने बताया कि दो बीघा में गेहूं की फसल खड़ी थी। आंधी बारिश से वह भी खराब हो गई। रोसंगपुर निवासी किसान कल्लू ने बताया कि उनकी तीन बीघा खेत में फसल तैयार खड़ी थी वह भी बारिश में खराब होने की कगार में है।
किसान पहले ही अन्ना पशुओं की मार से बेहाल था, ऊपर से बेमौसम की हुई बारिश से किसान टूट गया है। सराय अमलिया दांव निवासी किसान प्रताप सिंह ने बताया कि उसने डेढ़ बीघा खेती बटाई पर लेकर गेहूं बोया था। जिसकी फसल अभी आधी कटी खेतों पर ही पड़ी थी और आधी खड़ी थी। बेमौसम हुई बारिश के चलते काली पड़ गई है। अब उसमें कितना दाना निकलता है यह भगवान के ही भरोसे है। सूर्यनगर निवासी किसान नन्हे लाल का कहना है कि पांच बीघा खेत बटाई पर लेकर गेहूं बोया था। जिसकी कटाई चल रही थी आधी फसल खेत में कटी पड़ी थी और बरसात के चलते पूरा पूरा नुकसान हुआ है। अब शायद गेहूं की फसल उस हिसाब की नहीं हो पाएगी। जिसकी उसे आशा थी। उसने यह भी बताया कि इसी फसल के भरोसे वह अपनी बेटी के हाथ पीले करना चाहता था। उसकी उम्मीद पर पानी फिर गया है।

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password