जिंदगी की हर चुनौतियों का सामना किया मालविका अय्यर ने, एक ब्लासट में खो दिए मालविका ने अपने दोनो हाथ

जिंदगी

जिंदगी के हर मोड़ पर नई-नई चुनौतियां सामने आकर खड़ी हो जाती हैं। कोई इन चुनौतियों से हर जाता हैं। तो कोई इन चुनौतियों का जम कर सामना करता हैं, और कुछ लोग ऐसे भी होते है, जो इन चुनौतियों को पार करके अपने सपने पूरे कर लेते हैं, और अपनी मंजिल तक पहुच जाते हैं। जो लोग ऐसे समय में हार जाते हैं उनके लिए सिख बन जाते हैं। मालविका अय्यर जैसे लोग।

जिंदगी की किन चुनौतियों की हम बात कर रहें हैं। यही सोच रहें होंगे आप, और मालविका आखिर हैं कौन??? और ऐसा क्या हुआ उनके साथ जो हम उनके बारे में आपको बता रहें हैं.. तो आईए आपको बताते हैं, आखिर हैं कौन मालविका

जिंदगी के हर मोड़ पर मालविका ने हर चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए अपने सपने को पुरा किया हैं मालविका आज एक इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर हैं। बता दे की मालविका के दोनो हाथ नही हैं और उनके पैरों में भी रॉड डली हुई है। आसान नही था बिना हाथों के जिंदगी में कुछ भी करना। लेकिन किसी भी समय मालविका ने हार नही मानी।

मालविका ने एक ब्लास्ट में अपने दोनो हाथ खो दिए थे। लेकिन उन्होंने खुद पर किया भरोसा नही तोड़ा। 28साल की मालविका ने 13 साल की उम्र में एक हादसे द्वारा अपने दोनों हाथ खो दिए थे। मालविका के खेलते समय पास की गोला बारूद फैक्ट्री से एक ग्रेनेड आकर गिरा उन्होंने जैसे ग्रेनेड को देखने के लिए हाथों में उठाया वे तुरंत ही उनके हाथ में फट गया। जिससे मालविका बुरी तरह जख्मी हो गई।

उनको देखते ही पास के लोग और परिवार वाले उनके पास आए और उन्हें अस्पताल ले गए। जिसके बाद डॉक्टर ने उनका इलाज कराना शुरु किया, अस्पताल में करीब 18 महिने तक मालविका का इलाज चला, जिसके बाद उनकी जान तो बचा ली गई लेकिन उन्होंने अपने दोनो हाथ खो दिए। ब्लास्ट के समय उनके पैरों पर भी गंभीर चोटें आई थी। जिसको ठीक करने के लिए उनके पैरों में लोहे की रॉड डाली पढ़ी।

सर्जरी के बाद उन्होने बिना किसी की मेहनत से चलना शुरु कर दिया था, और साथ ही प्रोस्थेटिक हाथों के सहारे काम करना भी शुरू कर दिया था। इसके बाद मालविका ने क्रैश कोर्स में एडमिशन लिया, और एक राइटर की मदद से वह बोर्ड एग्जाम में बैठीं। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने अच्छे नंबरों से बोर्ड एग्जाम पास किया। इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन पूरी की।

मालविका हमेशा ऐसे लोगो के बीच में रही थी जिनकी जिंदगी में कोई परेशानी नही थी सबकी अच्छी खासी जिंदगी चल रही थी। यह देख वो बार-बार टूटी भी जाती थी क्योंकि उन्हें हर मोड़ पर कुछ पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। आज मालविका एक इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर हैं और वह निराश हो चुके लोगों को जीने की राह दिखाती है। इसके अलावा मालविका एक्टिविस्ट, सोशल वर्क में पीएचडी के साथ फैशन मॉडल भी हैं। अपने काम की वजह से ही उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर कई अवॉर्ड्स भी मिल चुके हैं।

अगर परिवार ना हो तो कोई ऐसी मुश्किलों का सामना नही कर पाता, मालविका का परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहा। मालविका का उनके परिवार ने हर मोड़ पर साथ दिया, और कभी उन्हें ये महसूस नही होने दिया की वे कमजोर हैं। जहां उन्हें लगा की वे कमजोर हैं वह उनका परिवार उनकी हिम्मत बन कर खड़े हो गए। आज मालविका पूरी दुनिया में 300 से भी अधिक लोगो को स्पीच दे चुकी हैं। इस स्पीच में वे अपने होसले के बारे में सबको बताती हैं। और लोगो को जीने की राह सिखाती हैं।

मालविका की तरह हर इंसान सोचने लगे तो वे हर मुश्किलो से लड़ जाएंगा। आज के समय हर कोई छोटी-छोटी मुश्किलो से हार जाता हैं। लेकिन मालविका आज तक किसी मुश्किल के सामने नही हारी। उन्होंने हमेशा अपना होसला बना कर रखा, और कामयबी को हासिल किया। अगर वो भी अपनी परेशानी को लेकर बैठ जाती तो शयद आज हम उनके बारे में आपको नही बता रहें होते, और ना वो हर इंसान के मिसाल बनती।

उनका हौसला ही उनकी पहचान हैं। वो आज बहुत खुश हैं की उन्हें नया जीवन मिला। ये जीवन हर किसी को नही मिलता। इतने बढ़े हादसे के बाद भी उन्हें अपनी पूरी जिंदगी दूबारा मिल गई। कितने इंसान हैं जिनकी जिंदगी में थोड़ी सी परेशानी हैं, और परेशानी से ही वो टूट जाते हैं। लेकिन मालविका से उन लोगो को सिखना चाहिए, कि जिंदगी कैसे जी जाती हैं।

मालविका की जिंदगी भी बेहद अच्छी ही चल रही थी की उनके साथ ये हादसा हो गया। ये हादसा कोई छोटा नही हैं। लेकिन मालविका ने ये हादसा छोटा बना दिया। वो अपनी इस जिंदगी को खुशी से जीना चाहती हैं। अगर कोई अपनी जिंदगी के बारे में नही सोचता तो वो मालविका के बारे में जरुरे पड़े।

इनके जैसी और भी महिलाएं हैं जो अपनी जिंदगी को खुशी से जी रही हैं। अगर आस पास के लोग या गांव के लोग अपके बारे में कुछ बुरा बोले तो उनकी बात को अनसुना कर दें। ऐसे लोगो की जरुरत आपको कभी नही पड़ने वाली। आप उनसे बात करें जो आपको समझे। आपको जीवन के बारे में अच्छी बाते बताए। आपको समझाएं की आगे बहुत बड़ी जिंदगी हैं। उसको जीना शुरु करो।

ऐसे समय में कभी अपने आप को अकेला नही सझना चाहिए। आपके परिवार दोस्त हमेशा आपके साथ होते हैं। ये जिदंगी आपको बार बार नही मिलती। मालविका ऐसे लोगो के लिए प्रेरणा बनी हैं। कई लोग अपनी जिंदगी ही खत्म कर देते हैं तो कई अपनो से दूर हो जाते हैं। या आपने आप को एक कमरे में बंद कर देते हैं। ऐसे हादसो से उन्हें लगता हैं की उनकी जिंदगी मानो खत्म हो गई हो। लेकिन ऐसा नही होता, ऐसे लोग उम्मीद छोड़ देते हैं लेकिन मालविका ने कभी उम्मीद नही छोड़ी बल्कि वे हर उन परेशानी से लड़ी रही जो उनके सामने आ कर खड़ी हो गई थी.

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