जानिए निर्भया गैंगरेप मामले तब से अब तक क्या क्या हुआ

निर्भया गैंगरेप

निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस में दोषियों को मौत की सजा सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी। 9 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने तीनों दोषियों की याचिका खारिज कर दी है। बता दे की अब उनकी फांसी की सजा को उम्र कैद में नहीं बदला जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने दोषियों विनय, पवन और मुकेश की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था. दोषी अक्षय ने पुनर्विचार याचिका अभी दायर नहीं की है. मामले की सुनवाई के दौरान दोषियों की तरफ से कहा गया कि ये मामला फांसी की सजा का नहीं हैं. हम सब गरीब हैं, हम आदतन अपराधी नहीं हैं इसलिए हमे सुधरने का मौका दिया जाए।

निर्भया गैंगरेप के मामले के बारे में भारत का हर इंसान जानता हैं। हर कोई चाहता हैं की निर्भया के गुनहगारों को फांसी की सजा हो। इसे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई 2017 को 4 दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा था।

वैसे तो कर कोई निर्भया के मामले से वाकिफ हैं। लेकिन चलिए हम अपको बताते हैं की तब से अब तक इस मामले में क्या क्या हुआ हैं।

16 दिसंबर 2012- दिल्ली की वो रात आज भी हर व्यक्ति को याद हैं वो दिल्ली का वसंत विहार इलाका, दिसंबर की सर्द भरी रात, करीब 9:30 बजे एक प्राइवेट बस में मेडिकल की स्टूडेंट ‘निर्भया’ के साथ गैंगरेप हुआ, उसके साथ दरिंदगी की सारी हादे पार की गई और उसके दोस्त को भी पीटा गया। नाजुक हालत में उसे आधी रात को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

17 दिसंबर, 2012- पुलिस ने गैंगरेप का मामला दर्ज किया। पीड़िता निर्भया की दो ऑपरेशन किए गए और गैंगरेप के मुख्य आरोपी रामसिंह को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया। .

19 दिसंबर, 2012-  मुख्य आरोपी रामसिंह के बाद तीन अन्य आरोपियों विनय, पवन और मुकेश को अरेस्ट कर साकेत कोर्ट में पेश किया गया। इनमें से दो ने अपनी गलती मानी। घटना के वक्त निर्भया के साथ मौजूद दोस्त ने अदालत में अपना बयान दर्ज करवाया।

20 दिसंबर, 2012- जंतर-मंतर, इंडिया गेट आदि पर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए प्रदर्शन किए। कैंडल मार्च निकाला, दिल वालो की दिल्ली बदनाम हो चुकी थी। हर कोई निर्भया के ठीक होने का इंतजार कर रहा था।

22 दिसंबर, 2012-  पीड़िता निर्भया की हालत में सुधार हुआ और उसका बयान दर्ज किया गया। हर किसी को जान कर खुशी हुई की निर्भया की हालत सुधर रही हैं।

24 दिसंबर, 2012- मामले में अन्य दो आरोपियों अक्षय और राजू की अदालत में पेशी हुई। सभी आरोपियों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिल गई थी। लोगो का गुस्सा सर पर चड़ चुक था।

26 दिसंबर, 2012- पीड़िता निर्भया की हालत दूबारी बिगड़ी और उसे एयर ऐंबुलेंस से सिंगापुर के अस्पताल भेजा गया।

29 दिसंबर, 2012- दिल्ली में एक दुख भारी खबर आई। सिंगापुर में सुबह 2.15 पर निर्भया ने दम तोड़ दिया। उस रोज लोगों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। अगले दिन निर्भया का शव दिल्ली लाया गया और द्वारका में निर्भया का अंतिम संस्कार हुआ।

13 जनवरी, 2013 -दिल्ली की साकेत अदालत में 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई

28 जनवरी, 2013- छठे आरोपी को नाबालिग पाते हुए जूवेनाइल कोर्ट में पहुंचा मामला।

1 मार्च, 2013- आरोपी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

21 मार्च, 2013-  ऐंटी-रेप कानून पर मुहर लगी और रेप के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया गया।

11 जुलाई, 2013- जूवेनाइल कोर्ट ने आरोपी दोषी करार दिया गया और उसे जेजेबी ने 3 साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया गया।

10 सितंबर, 2013- चार आरोपियों को 13 मामलों में दोषी पाया गया

13 सितंबर 2013-  मुकेश, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय ठाकुर को फांसी की सजा सुनाई गई।

7 अक्टूबर, 2013- निचली अदालत से सजा पाए चार दोषियों में से विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर ने सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की।

13 मार्च, 2014- दिल्ली हाई कोर्ट ने चारों आरोपियों की फांसी की सजा को बरकरार रखने का फैसला सुनाया।

2 जून, 2014- दो आरोपियों ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

14 जुलाई, 2014- सुप्रीम कोर्ट ने चारों आरोपियों की फांसी पर सुनवाई पूरी होने तक रोक लगाई।

27 मार्च, 2017- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित रखा गया।

5 मई, 2017 – सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी आरोपियों की फांसी की सजा।

9 जुलाई, 2018- दोषियों द्वारा दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए मौत की सजा को बरकरार रखा।

निर्भया कांड को अंजाम देने वाले 6 आरोपियों में से एक ने जान दे दी और एक को नाबालिग होने के कारण रिहा कर दिया गया था। हर तरफ से निर्भया के रेपिस्टों और कातिलों के लिए सजा की मांग उठने लगी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर लगाम लगाने के लिए आवाजें तेज होने लगीं।

हालि में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्भया गैंगरेप के दोषियों की पुनर्विचार याचिका के फैसले पर लोगों ने अलग अलग प्रतिक्रिया दी हैं। कुछ लोगो को कहा कि कोर्ट में उनका विश्वास फिर कायम हुआ है और यह फैसला दूसरों के लिए सबक होगा। बॉलिवुड ऐक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने भी कोर्ट के फैसले पर ट्विटर करके कहा की ‘निर्भया’ का दर्द हम सभी के बीच हमेशा जिंदा रहेगा

निर्भया के साथ हुए गैंगरेप के बाद भी देश में यह मामले नही रुक रहें। फांसी की सजा तो सुप्रीम कोर्ट दे चुका हैं, लेकिन कब होगी निर्भया के गुनहगारों को फांसी?? कब मिलेंगा निर्भया को इंसाफ?? कब खत्म होगा निर्भया का संघर्ष?? निर्भया के बाद भी कई लड़कियां हो चुकी हैं ऐसे दरींदो का शिकार। कब निर्भया जैसी लड़कियों को मिलेंगा इंसाफ?? कब लड़कियां देश में हो पाएगी सुरक्षित?? सरकार से हर लड़कियों का यही हैं सवाल…

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