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कश्मीर के किसानों से सीधे सेब खरीदेगा नैफेड, होंगे कई फायदे

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कश्मीर के किसानों से सीधे सेब खरीदेगा नैफेड, होंगे कई फायदे

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जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद उपजे हालातो से वहां के मार्केट और व्यवसाय पर काफी असर पड़ा है. हम सभी जानते हैं सेब कश्मीर के लोगो के लिए मुख्य फसल और रोजगार का जरिया है। ऐसे में अब राज्य में हालात सामान्य होने के बाद अब सरकार कश्मीर के सेब उत्पादकों को लाभ पहुंचाने की तैयारी करने में जुटी है। कृषि उत्पादों से खरीद करने वाली सरकारी एजेंसी नैफेड ने फैसला लिया है कि वो अब कश्मीर के सेब उत्पादकों को नुकसान से बचाने के लिए उनसे सीधे सेबों की खरीदारी करेगी। नैफेड की माने तो वह इन उत्पादकों से सेब मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआइएस) के तहत खरीदेगा. नैफेड 15 दिसंबर 2019 तक इसकी प्रक्रिया को पूरा करेगा।नैफेड के इस कदम से करीब सात लाख किसानों को फायदा होगा।

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नैफेड 2000 करोड़ रुपए की लागत से सेब खरीदेगा

फ़िलहाल जो जानकारी है उसके अनुसार कश्मीर के सेब उत्पादकों सेब मार्किट में बेचने में परेशानी हो रही है. मौजूदा हालात में कश्मीर की मंडियों पर काफी असर पड़ा है. ज्ञात हो कि कश्मीर देश के कई राज्यों में सेब बेचता है। लेकिन इस बार हालात ऐसे हैं कि यहां के उत्पादक दूसरे राज्यों में सेब बेचने नहीं जा पा रहे हैं। इसी परेशानी को देखते हुए कृषि उत्पादों की खरीद करने वाली सरकारी एजेंसी नैफेड 2000 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 12 लाख मीट्रिक टन सेब खरीदेगा.

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राज्य में किसानों की समस्याओं को देखते हुए ही राज्य प्रशासन ने नैफेड की मदद से फलों की खरीद के लिए योजना तैयार की है. नैफेड कश्मीर में होने वाले सेब उत्पादन का आधे से ज्यादा फल खरीदेगा. यह काम वह सरकार की ओर से नामित एजेंसियों के जरिए करेगा। जिसका सीधा फायदा वहां के किसानों को मिलेगा। सेब की खरीदारी उसके ग्रेड के हिसाब से होती है. आमतौर पर सेब ए, बी और सी ग्रेड होते हैं। जिसके आधार पर किसी भी मार्किट में सेब की खरीदारी की जाती है.

किसानों को होंगे कई फायदे

नैफेड भी ग्रेड के आधार पर ही सेब की खरीदारी करेगा। सेब के ग्रेड के हिसाब से ही किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा। फलों का क्रय मूल्य मोल समिति तय करेगी. मोल समिति में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की ओर से भी सदस्य नामित रहेंगे. इससे वहां के किसानों को सेब का सही मूल्य मिल सकेगा। बताते चलें कि सरकार के इस कदम से कश्मीर के किसानों की परेशानियों को निबटारा किया जा सकेगा। हर साल कश्मीर से देश के दूसरे राज्यों में सेब को निर्यात करने के लिए ट्रांसपोर्टेशन ओर मंडी तक ले जाने में काफी खर्च आता है जिसका भार फल उत्पादक के सिर पर ही पड़ता है, लेकिन इस बार नैफेड द्वारा खरीदारी करने पर किसान ट्रांसपोर्ट के खर्च से बचेंगे ओर साथ ही सेब की सही समय पर खरीदारी होने से ख़राब होने का नुकसान भी नहीं उठाना पड़ेगा।

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