मुस्लिम चौहान बने सफल किसान, जानिए मुस्लिम चौहान के बारे में

मुस्लिम चौहान

किसान दिवस पर हम लेकर आए सफल किसान काहनी… पहले फूलों का ज़्यादातर इस्तेमाल किसी जगह या स्थान की शोभा बढ़ाने के लिए किया जाता था… बाज़ार में इसकी मांग काफी ज्यादा नही थी, इसलिए किसान भी इसकी खेती ज़्यादा नहीं करते थे… लेकिन दिनों-दिन फूलों की बढ़ती मांग को देखते हुए अब किसान भी जो पहले खेती करते थे उस फसलों की खेती करने की बजाय फूलों की खेती करने लगे हैं… इसी कड़ी में हरियाणा करनाल, घरौंडा जिले के गढ़ी भरल नामक गांव के रहने वाले मुस्लिम चौहान भी फूलों की खेती कर रहे हैं और एक सफल किसान हैं..

चौहान फूलों की खेती करके अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं…. मुस्लिम चौहान बताते हैं… “मैं पिछले 8 सालों से धान, गेहूं, खीरा और धनिया आदि फसलों की खेती कर रहा था, जिसमें मुझे कुछ खास मुनाफ़ा नहीं हो रहा था. जिसके बाद मैनें फूलों की खेती करना शुरू किया है और इसमें मुझे भारी मुनाफ़ा हो रहा है”. ….वर्तमान में वो 3 एकड़ जमीन पर गेंदा फूल की खेती कर रहे हैं. चौहान ‘बैचलर ऑफ सोशल वर्क’ से स्नातक हैं…. साल 2012 में इन्हें ‘राष्ट्रीय युवा पुरस्कार’ से भी नवाजा जा चुका है…. यह पुरस्कार इन्हें सामाजिक क्षेत्र में ब्लड डोनेशन कैम्प लगाने, पौधा रोपण आदि अन्य पर्यावरण संबंधी काम करने के लिए मिला था…..

किसान मुस्लिम चौहान के मुताबिक आमतौर पर गेंदा फूल की खेती जुलाई और मार्च के माहिने में की जाती है… लेकिन वो जुलाई माहिने में खेती करते हैं. ये फूल 40 दिनों के बाद तैयार हो जाते हैं जो बाजार में हाथों-हाथ बिक जाते हैं…. जुलाई माहिने में खेती की गई फूलों की पहली तुड़ाइ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हो जाती है. इसके बाद नवरात्र, दशहरा, दीपावली आदि पर्वों के साथ ही विभिन्न समारोह में भी फूलों की मांग बनी रहती है…. मुस्लिम चौहान के अनुसार फूलों की खेती किसानों के लिए कम लागत में ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने का अच्छा विकल्प है….

गेंदे के फूल की खेती में भी सिंचाई का एक विशेष महत्व होता है…. किसान मुस्लिम चौहान के मुताबिक   …. लेकिन फिर भी अगर कुछ दिनों तक वर्षा न हो तो सिंचाई कर देनी चाहिए…. ठंड के मौसम में 10-12 दिन तथा गर्मी के मौसम में 6-7 दिन के अंतराल पर सिंचाई करने से फूल का उत्पादन अच्छा होता है…. वह आगे बताते हैं कि जरुरत से ज़्यादा पानी देने से फूलों की फसल को नुकसान भी हो सकता है

किसान मुस्लिम चौहान वर्तमान में 3 एकड़ जमीन पर खेती कर रहे हैं. उनके अनुसार गेंदा फूल की 1 एकड़ में खेती करने पर 10 हजार रुपये की लागत आती है….मुस्लिम चौहान बताते हैं कि, इसका मुनाफ़ा पर्वों और स्थानीय बाजारों पर निर्भर करता है…. वो अपना फूल खुद नहीं बल्कि पानीपत, करनाल और लुधियाना से आये हुए व्यापारीयों को बेचते हैं, जो उन्हें मंडियों में ले जाकर बेचते हैं. अगर वो खुद इसे बड़ी मंडियों में ले जाकर बेचते तो कुछ ज़्यादा मुनाफ़ा होता… ऐसे सोच और दिमाग से किसान काफी मुनाफा कमा रहें हैं… फिलहाल अभी के लिए बस इतना ही… ग्रामीण न्यूज की तरफ हर किसी को किसान दिवस की हार्दिकशुभकामनाएं….

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