Grameen News

True Voice Of Rural India

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम को लॉन्च करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

1 min read
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण

Sharing is caring!

विश्व दुग्ध बाजार में भारत सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला देश बन चुका है. लेकिन देश में दूध देने वाले पशुओं की संख्या घटती जा रही है. जिसका मुख्य कारण पशुओं का कटान और बिमारियों से ग्रसित होना है. बरसात के दिनों में खुरपका और मुंहपका जैसी बिमारियों से पीड़ित पशु और भी अधिक घातक बिमारियों का शिकार हो जाते हैं, यदि इनका समय पर टीकाकरण और दवाई नहीं कराई जाती है तो पशुपालक को नुकसान उठाना पड़ता है. इन्ही बिमारियों के चलते पशुओं की मृत्यु तक हो जाती है.

हालांकि पशुपालन के जरिए सरकार किसानों की आय को दोगुना करने की बात कर रही हैं. लेकिन छोटे और मंझले पशुपालकों के सामने यह किसी चुनौती से कम नहीं है. क्योंकि छोटे और मंझले पशुपालक एक या दो मवेशियों को ही पालते हैं, यदि वो पशु किसी बीमारी का शिकार हो जाए और समय पर उसका इलाज न हो तो उस पशुपालक को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. जिस तरीके से सरकार किसानों और पशुपालकों की आय दोगुना करने के लिए काम रही है. इसलिए पशुओं को रोगमुक्त बनाने के प्रयासों के मद्देनजर पशुधन में मुहंपका-खुरपका और पशुजन्य माल्टा-ज्वर के उन्मूलन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल यानी 11 सितंबर, 2019 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम को लॉन्च करेंगे।

साल 2024 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए केन्द्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषण के 12,652 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य 500 मिलियन से अधिक पशुओ का टीकाकरण कराना है। इसके तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर को मुखपका-खुरपका रोग से बचाना है।

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम को लॉन्च करने का उद्देश्य पशुजन्य माल्टा-ज्वर से बचाव के लिए हर वर्ष दुधारू पशुओं के 36 मिलियन मादा बच्चों को टीका लगाना है। इस कार्यक्रम के दो मुख्य घटक हैं। 2025 तक रोगों पर नियंत्रण और 2030 तक रोगों का उन्मूलन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दिन राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को भी लॉन्च करेंगे।

आशा है कि इसी के साथ टीकाकरण, रोग प्रबंधन, कृत्रिम गर्भाधान और उत्पादकता के विषय पर देश के सभी 687 जिलों में कृषि विज्ञान केन्द्रों पर राष्ट्रव्यापी कार्यशालाओं की भी शुरूआत की जाएगी। इस कार्यक्रम के जरिए पशु पालको को जागरूक किया जाएगा कि समय पर वो पशुओं में टीकाकरण कराए. इससे पशुपालको को फायदा मिलेगा.

खेती-बाड़ी और किसानी से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए नीचे दिए लिंक को सब्सक्राइब करें-

https://www.youtube.com/user/Greentvindia1/videos

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *