इस महिला किसान ने 500 रुपये से खड़ी की करोड़ों की अचार फैक्ट्री

इस महिला किसान ने 500 रुपये से खड़ी की करोड़ों की अचार फैक्ट्री

इस महिला किसान ने 500 रुपये से खड़ी की करोड़ों की अचार फैक्ट्री हमारे देश में अभी भी कई प्रदेश ऐसे हैं जहां की महिलाओं के लिए घर की दहलीज़ को लांघना ना के बराबर होता हैं। उनकी सारी ज़िंदगी घर की चार दीवारी में ही सिमट कर रह जाती हैं। तो वंही कुछ महिलाऐं ऐसी भी हैं जो समाज की रूढीवादी सोच की प्रवाह न करते हुए, अपना खुद का व्यवसाय खड़ा कर बाकि महिलाओ के लिए प्रेरणा साबित हो रही हैं।

हम बात कर रहे हैं कृष्णा पिकेल्स की मालकिन कृष्णा यादव की। 35 साल की कृष्णा यादव उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली हैं। जोकि आज 500 करोड़ की 4 अचार कंम्पनीयों की मालकीन हैं।

इस सफर की शुरुवात उनके घर से हुई, दरअसल कृष्णा यादव के पति पेशे से एक बिजनेस मैन थे, लेकिन किसी कारण से उनके बिजनेस में उन्हें काफी भारी नूकसान हुआ और उस घाटे की भरपाई करते करते उनका सब कुछ बिक गया जिसके कारण अपना शहर छोड़ वे हरियाणा के गुरूग्राम में आकर बस गए। जंहा से उन्होने फिर से नई शुरुवात की और खेती करने की सोची, पट्टे पर खेत भी लिया, मगर खेती का अनुभव ना होने के कारण कृष्णा जी को खेती में अच्छा मुनाफा नही हो रहा था। इसी बीच उनकी एक दोस्त ने उन्हें अचार बनाने की ट्रेनिंग दिए जाने के बारे में बताया और उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर से अचार बनाने की ट्रेनिंग ली। जिसके बाद अपने खेतों से पैदा हुई फसलों गाजर, टमाटर, गोभी और आंवला से दादी- नानी के पुराने नुस्खों को आजमाकर कृष्णा यादव जी ने धीरे –धीरे आचार बनाना शुरु किया। जिन्हें उनके पति सड़क किनारे बैचने जाते और एका –एक लोगों को उनका आचार पसंद आने लगा, जिसने बड़ी –बड़ी कंपनियों के आचार के स्वाद को फीका कर दिया।

जिसके बाद उन्हें थोक में ऑर्डर मिलने लगे और उसके बाद उनके सपनों को पंख लग गए और फिर उन्होने पिछे मुडकर नही देखा। कृष्णा जी को कई राज्य स्तरीय और कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका हैं। आपको बता दें कृष्णा जी आज चार कंपनियों की मालकिन हैं और उनकी कंपनियों का करोड़ों का टर्नओवर है। आज उन्होने अपनी कंपनी में हजारों महिलाओं को जोड़ कर उनके लिए रोजगार के अवसर खोले हुए हैं।

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password