ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से महज़ दो हफ्ते में चोरी हुआ 70 लाख का सामान

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से महज़ दो हफ्ते में चोरी हुआ 70 लाख का सामान

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का नाम तो आपने सुना ही होगा जिसका उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 27 मई को किया था। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वेएक्सप्रेस वे का उदघाटन हुए अभी दो सप्ताह भी नहीं हुआ है कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से करीब 70 लाख रूपए का सामान चोरी हो गया है। शायद आप ये सोच रहे होंगे कि एक्सप्रेसवे पर ऐसा कौनसा सामान होगा जो चोरी हो गया। तो हम आपको ये बता दें कि ये एक्सप्रेसवे बाकि सभी एक्सप्रेसवे से अलग है।

इस एक्सप्रेसवे पर सोलर पैनल लगाए गए थे। खूबसूरत एलईडी लाइट्स लगाई गई थी। इसके अलावा इसकी सुसज्जा बढ़ाने के लिए कई जगह फाउंटेन भी लगाए गए थे। मगर अब ये एक्सप्रेसवे कहीं कहीं उजड़ा हुआ सा नज़र आता है। लोग यहां से सोलर पैनल, एलईडी लाइट्स फाउंटेन और भारी मात्रा में लोहा चुराकर ले गए हैं। अगर इस पूरे सामान को जोड़ा जाए तो करीब 70 लाख रूपए का नुकसान सरकार को हुआ है।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे को देखकर आपको अपने देश पर गर्व होगा। हमारे देश को ऐसे कई एक्सप्रेसवे की जरुरत है। इस एक्सप्रेसवे की बदौलत अब पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड़, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने वाले लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रहेगी। दिल्ली के चारों तरफ एक रिंग रोड है जिससे अब लोग दिल्ली के बाहर से ही जा पाएंगे। इस एक्सप्रेसवे के बनने से लाखों करोड़ों लोगों को इससे फायदा होगा। यही नहीं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस सोलर पावर और ड्रिप सिंचाई वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे है। 135 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात ये है कि इसका काम 500 रेकॉर्ड दिनों में पूरा किया गया है। इस एक्सप्रेसवे को देश का पहला स्मार्ट एक्सप्रेसवे कहा जा रहा है। मगर इस स्मार्ट एक्सप्रेस वे की चकाचौंध को महज़ दो हफ़्तों में लोगों ने दाग लगा दिया।

ये कैसी दोहरी मानसिकता है लोगों की एक तरफ देश की तुलना विदेशों से की जाती है कोई अच्छा काम ना हो तो सरकार को कोसा जाता है मगर जब सरकार कोई अच्छा कदम उठाए तो लोग इतनी ओछी हरकतें करते हैं। देश की सम्पति को नुकसान पहुंचाते हैं। ये पहली बार नहीं हुआ है बल्कि इससे पहले भी मुंबई से गोवा जाने वाली तेजस ट्रैन में लगी एलईडी स्क्रीन को ही लोग उखाड़ कर ले गए थे। शायद ऐसे लोग ये भूल जाते हैं कि ये सब उन्ही की सुविधा के लिए बनाया गया है। या ये वो लोग हैं जिन्हे विकास पसंद नहीं है। या फिर ये कह लो कि ऐसे लोगों को कुछ अच्छा होता देखना हजम नहीं होता। इन्ही जैसे लोगों की वजह से आज भी भारतीय रेल के शौचालय में डब्बा चैन से बाँध दिया जाता है ताकि उसे कोई चोरी कर के ना ले जाए। क्योंकि ऐसे लोग तो उसे भी चुराने से बाज़ नहीं आते ना !

 

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