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History of 22nd August- 1955 में साउथ के सुपरस्टार चिरंजीवी का जन्म हुआ

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History of 22nd August

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History of 22nd August-

वर्तमान में हमारे आस-पास जो भी वक्त बीतता है. उसमें दुनिया के किसी न किसी कोने में कुछ न कुछ जरूर बनता बिगड़ता है. वही समय के साथ आगे चलते चलते इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है. कुछ किस्से इनमें ऐतिहासिक बन जाते हैं कुछ दिलचस्प, जिन्हें हर साल उसी तारीख को याद किया जाता है. आज के दिन जहां एक तरफ खिलजी वंश का पतन हुआ था, तो वहीं गाँधी जी ने विदेशी वस्त्रों की होलिका भी जलाई और भी ऐसी तमाम कड़वी और मीठी यादें हैं जो 22 अगस्त के इतिहास से जुड़ीं हुई हैं,

चलिए विस्तार से आपको बताते हैं आपको आज के इतिहास के बारे में

  1. आपको बता दें 22 अगस्त का दिन भारत देश के लिए सबसे बुरे दिनों में से एक रहा था. क्योंकि इसी दिन अंग्रेजों ने ईस्ट इंडिया कंपनी की नींव मद्रास में रखी थी. फिर यहां से सफलता हासिल करने के बाद कई सालों तक उन्होंने भारत पर राज किया था. आपको बता दें कि, दरअसल  ईस्ट इंडिया कंपनी 1600 में भारत से व्यापार करने का अधिकार प्राप्त कर लिया था. 1608 में उसका पहला व्यापारिक पोत सूरत पहुंचा. यहां से कंपनी ने मसाले का व्यापार शुरू कर दिया. इसके बाद लगातार भारत में अपनी कंपनी का विस्तार करते रहे. मगर, कंपनी को पहली बड़ी सफलता 22 अगस्त 1639 में मिली जब ईस्ट इंडिया कंपनी की भारत में स्थापना हुई.
  2. आज ही के दिन साल 2010 में चिली की खान में फंसे मजदूरों का जिंदा होने का सबूत मिला था. इन खनिकों को लगभग ढाई महीनों बाद खदान से जिंदा बाहर निकाला गया था, जो किसी चमत्कार से कम नहीं था. आपको बता दें की ये खनिक दक्षिण अमेरिका के चिली देश में तांबे और सोने की एक खान में काम कर रहे थे. 5 अगस्त 2010 को खान में एक धमाका हुआ. इसके बाद कुछ खनिक उसी खान में फंस गए. लगभग 700 मी0 की गहराई वाली खान में आज ही दिन खदान में फंसे 33 लोगों से संपर्क हो पाया था.
  3. 22 अगस्त 1320 यानि की आज ही के दिन गाजी मलिक ने खिलजी वंश के आखिरी शासक नसीरुद्दीन खुसरू को शिकस्त दी थी और तुगलक वंश की नींव रखी थी. फिर, 8 सितम्बर 1321 को दिल्ली के सिंहासन पर बैठा. बहरहाल, सुल्तान बनने से पहले गाजी मलिक मुबारक खिलजी के राज में सीमांत प्रांत का गवर्नर था. इसने अलाउद्दीन खिलजी के सम्राज्य विस्तार में अहम भूमिका निभाई थी. इसने कई युद्धों में अपनी बहादुरी और साहस का परिचय भी दिया था.
  4. आज ही के दिन साल 1921 में गाँधी जी ने खुद विदेशी कपड़ों को जलाकर विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार की शुरुवात की थी. आपको बता दें की गाँधी जी 1920 से 22 के दौरान हिन्दोस्तान में विदेशी कपड़ों का बहिष्कार करने का आह्वान किया था. इसी के साथ ही गाँधी जी स्थानीय वस्तुओं के इस्तेमाल पर खूब जोर दिया था. वहीं 22 अगस्त 1921 में गाँधी जी ने खुद बम्बई में विदेशीं वस्त्रों को जलाकर इसका शुभारम्भ किया. इसके बाद तो पूरे भारत में इस विदेशी वस्त्रो की होलिका का असर हुआ था.
  5. आज ही के दिन साल 1955 में साउथ के सुपरस्टार चिरंजीवी का जन्म हुआ था. आपको बता दें चिरंजीवी का असली नाम कोणिदेल शिव शंकर वर प्रसाद है. हालांकि लोग उन्हें चिंरजीवी के नाम से जानते हैं. अपने फिल्म करियर में कई सुपरहिट फिल्में करने वाले चिरंजीवी इस समय आँध्रप्रदेश राज्य में ‘प्रजाराज्यम’ नामक दल के प्रमुख हैं.

इस खबर को वीडियो रूप में देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

 

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