History of 13th May-लाल किले का निर्माण पूरा हुआ

History of 14th May

History of 13th May-

1.       आज ही के दिन साल 1648 में दिल्ली में लाल किले का निर्माण पूरा हुआ था। लाल किला 1857 तक तकरीबन 200 सालो तक मुगल साम्राज्य का निवास स्थान था। मुगल शासनकाल में लाल किला मुख्य किले के रूप में थाब्रिटिशो के लगभग सभी कार्यक्रम लाल किले में ही होते थे। लाल किले का निर्माण 1648 में पांचवे मुगल साम्राज्य शाहजहां ने अपने महल के रूप में बनवाया था। लाल किला पूरी तरह से लाल पत्थरो का बना होने के कारण उसका नाम लाल किला पड़ा। आजादी के लिए संघर्ष कर रहे भारत के स्वतंत्रता सेनानियों को ब्रिटिश सरकार ने कई बार किले में बनाई गई जेल में रखा लेकिन स्वतंत्रता सेनानियों के कठिन परिश्रम से 1947 का वह दिन आ गया. जिस दिन भारत आजाद हुआ और उस शुभ दिन पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले के लाहौर दरवाजे पर अपने देश का झंडा फहराया.

2.       आज ही के दिन साल 1905 में भारत के पांचवे राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद जन्म हुआ था। फ़ख़रुद्दीन अली अहमद 24 अगस्त 1974 से लेकर 11 फरवरी 1977 तक राष्ट्रपति रहे। फखरुद्दीन अली अहमद एक बेहद सफल राजनीतिक नेता थे। उन्हें असम और भारत के महानतम पुत्रों में से एक के रूप में माना जाता है। जिन्होंने भारत के राजनीतिक परिदृश्य पर स्थायी छाप छोड़ीजिससे कि अब तक हर नागरिक को बेहद प्रेरणा मिली है। 11 फरवरी 1977 को फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने निधन के अंतिम दिनों तक अपना कार्यभार संभाला।

3.       आज ही के दिन साल 1952 में स्वतंत्र भारत की पहली संसद का सत्र शुरू हुई। 1952 के सत्र में लोक सभा की कुल 103 बैठकें आयोजित हुई थीं. अगर आँकड़ों पर नजर डालें तो 1974 तक लगातार बैठकों की संख्या 100 से ज्यादा रहीं. 1956 में तो सबसे ज्यादा 151 सिटिंग्स हुई थीं. लेकिन 1975 से बैठकों की संख्या में गिरावट आनी शुरु हो गई. लोक सभा में जनता द्वारा चुने गये सदस्य होते हैं जिनकी अधिकतम संख्या 552 है। वहीं राज्य सभा एक स्थाई सदन है जिसके सदस्यों की संख्या 240 होती है।

4.       आज ही के दिन साल 1962 को डॉ. राधाकृष्णन भारत के द्वितीय राष्ट्रपति बने। डॉ. राधाकृष्णन एक महान दार्शनिकशिक्षाविद और लेखक थे। वे जीवनभर अपने आपको शिक्षक मानते रहे। उन्होंने अपना जन्मदिवस शिक्षकों के लिए समर्पित किया। इसलिए 5 सितंबर सारे भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

5.       आज ही के दिन साल 2000 में भारत की लारा दत्ता मिस यूनीवर्स चुनी गईं.  भारत की  हसीना लारा दत्ता ने देशभर में हमारा नाम रोशन किया था. वह मंच पर आईं और सारे भारतीयों के चेहरे खुशी से चमक उठे. लारा दत्ता दूसरी भारतीय महिला बनीं जिन्होंने इस मंच पर जीत हासिल की थी. हम बात कर रहे हैं मिस यूनिवर्स पेजेंट के मंच की. साल 2000 में ये ताज हासिल कर देशवासियों का गर्व बनीं लारा। लारा दत्ता ने मिस यूनीवर्स पेजेंट में जिन नंबरों से जीत हासिल की थी. वह शायद ही आजतक कोई कंटेस्टेंट हासिल कर पाई हो. सारा ने सभी जजेज़ से मिलाकर 9.99 का स्कोर हासिल किया था. लारा ने केवल फिनाले राउंड में अपने जवाब से दुनिया को इंप्रेस नहीं किया. बल्कि एक एक राउंड के साथ वह सभी को इंप्रेस करती चल रही थीं. 

6.       आज ही के दिन साल 2001 में भारतीय साहित्य। जगत के सबसे बड़े नामों में से एक आर के नारायण का निधन हुआ था रसीपुरम कृष्णस्वामी अय्यर नारायण स्वामी यानी की या आर. के. नारायण जी अंग्रेजी लेखन के सबसे प्रसिद्ध भारतीय उपन्यासकारों में से एक माने जाते हैं। आर के नारायण जी का जन्म 10 अक्टूबर 1906 को मद्रास में हुआ था। आर. के. नारायण की अधिकांश कहानियां काल्पनिक दक्षिण भारतीय शहर मालगुडी पर आधारित हैं। आर. के. नारायण की रचनाओं में मूल रूप से एक सामान्य जीवन का सार मिलता है। आर. के. नारायण का पहला उपन्यास स्वामी एंड फ्रेंड्स’ साल 1935 में प्रकाशित हुआ था। उपन्यासों के अलावाआर. के. नारायण ने लघु कथाओंयात्रा वृत्तांत तथा अंग्रेजी में भारतीय महाकाव्यों के संक्षिप्त संस्करण और अपने संस्मरण पर भी लेख लिखे

 

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