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History of 11th Sep- 1893 को पहला विश्व धर्म सम्मेलन का आयोजन

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History of 11th Sep

History of 11th Sep

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भारत और दुनिया के इतिहास में 11 सितंबर के दिन का भी अपना ही एक महत्व है। इस दिन को कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जो इतिहास के पन्नों में न भुलाए जानेवाली यादों के रूप में दर्ज हैं। तो चलिए जानते हैं आज के दिन इतिहास में घटित ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में

पहला विश्व धर्म सम्मेलन
पहला विश्व धर्म सम्मेलन 11 सितंबर 1893 में अमेंरिका के शिकागो शहर में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में दुनियाभर के धर्मों के प्रसिद्ध संतो ने हिस्सा लिया था। इस सम्मेलन का मुख्य उदेश्य दुनिया के सभी धमों के बीच एक आपसी मेलजोल बढ़ाया जा सके। इसी सम्मेंलन में भारत की ओर से स्वामी विवेकानंद ने हिन्दू धर्म के प्रणेता के रूप में हिस्सा लिया था। 11 सितंबर को उन्होंने सम्मेलन में ऐतिहासिक भाषण दिया था जिसकी चर्चा आजतक होती है।

दक्षिण अफ़्रीका में महात्मा गाँधी का सत्याग्रह
11 सितंबर को ही महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ़्रीका में पहली बार सत्याग्रह की शुरूआत की थी। 1893 में गांधी दादा अब्दुल्ला के प्रस्ताव दक्षिण अफ्रीका पहुंचे। यहां उन्हें भारतीय होने के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ा। गांधी जी के साथ ट्रेन में हुए बदसलूकी की कहानी तो सबको पता ही है। भारतीयों के प्रति नस्लीय भेदभाव के खिलाफ गांधी ने अहिंसक विरोध प्रदर्शनों की शुरूआत की। इस दौरान उन्होंने डरबन के पास फीनिक्स फार्म की स्थापना की। इसी फार्म को सत्याग्रह का जन्म स्थान माना जाता है। महात्मा गांधी ने पहला अहिंसात्मक सत्याग्रह अभियान सितंबर 1906 में स्थानीय भारतीयों के खिलाफ गठित ट्रांसवाल एशियाटिक अध्यादेश के विरोध में आयोजित किया था।

पेंटागन का निर्माण
11 सितंबर को ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन का साल 1941 में निर्माण शुरू हुआ। पेंटागन की बिल्डिंग दुनिया दुनिया की सबसे मशहूर इमारतों में से एक है। वर्जीनिया की अर्लिंगटन काउंटी में मौजूद अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय में 25,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं। पेंटागन की डिजाइन अमेरिकी आर्किटेक्ट जॉर्ज बर्जस्टॉर्म ने तैयार की है। इसे 14 जनवरी, 1943 को ऑफिस के लिए खोल दिया गया था। पेंटागन दुनिया की सबसे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग है, जो 17.5 मील के कॉरिडोर में बनी है। यह बिल्डिंग इतनी बड़ी है कि यहां काम करने वाले कई बार अपने ऑफिस का रास्ता तक भटक जाते हैं।

भारतीय सेना का लाहौर पर कब्जा
1965 की जंग भारत ने पाकिस्तान से उस समय लड़ी थी जब 1962 में चीन से युद्ध हारने के बाद आर्थिक हालत खाफी खराब चल रही थी। इसी दिन 1965 की लड़ाई में भारतीय सेना ने दक्षिण पूर्वी लाहौर के निकट बुर्की शहर पर कब्ज़ा कर लिया था। इस दौरान पाकिस्तान ने कश्मीर के तत्कालीन माहौल का फायदा उठाते हुए अपनी फौज को कश्मीरी लिबास पहनाकर युद्धविराम की सरहद पार करके कश्मीर में अराजकता फैलाने के लिए भेज दिया। लेकिन सारी कोशिश्रो नाकाम रहीं। इसके बाद ‘ऑपरेशन ग्रांड स्लैम’ के तहत पाकिस्तानी सेना अमेरिकी तोपें के साथ अखनूर के पास पहुंच गई। उनका इरादा जम्मू की उस अकेली सड़क पर कब्जा करना था जो उसे भारत से जोड़ती है। लेकिन भारत की बहादुर फौज ने पंजाब की तरफ से लड़ाई का नया मोर्चा खोल दिया और टैंक लेकर धड़धड़ाते हुए पाकिस्तान की सीमा में घुस गई और लाहौर तक पहुंच गई। इस जंग की कीमत पाकिस्तान को ताशकंद समझौते के रूप में चुकानी पड़ी।

‘दी बीटल्स’ का गाना रिकार्ड
11 सितंबर के दिन ही साल 1962 में मशहूर इंग्लिश रॉक बैंड ‘दी बीटल्स’ ने इसी दिन अपने पहले एकल हिट एलबम ‘लव मी डू’ का गाना रिकार्ड किया था। इस गाने को यूनाइटेड किंगडम में इसी साल 5 अक्टूबर को रिलीज किया गया था। उस समय यह गाना नंबर 17 पर रहा था। लेकिन इसी गाने को फिर से प्रमोट करके साल 1982 में रिलीज किया गया तब यह 4 नंबर का हिट गाना बना। लेकिन अमेरिका मे जब यह गाना साल 1964 में रिलीज हुआ था तब यह उस समय का नंबर 1 हिट गाना बन गया था।

विश्व वन्यजीव कोष
विश्व वन्यजीव कोष जो कि एक अंतर्राष्ट्रीय गैरसरकारी संगठन है। इसे 11 सितंबर के दिन ही साल 1961 में शुरू किया गया था। इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड नगर में स्थित है। इस संगठन का लक्ष्य वन्यजीवन का संरक्षण करना तथा पर्यावरण पर मानवीय प्रभाव को घटाना है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य विश्व की जैव विविधता का संरक्षण करना, नवीकरणीय प्राकृतिक संसाधनों के प्रयोग को टिकाऊ बनाना और प्रदूषण और निरर्थक खपत में कमी को बढ़ावा देना है। भारत में इस संस्था का आॅफिस 27 नवंबअर 1969 में स्थापित किया गया।

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