अदरक और स्वीट कॉर्न की ‘जैविक खेती’ कर खूब छा रहा है यह किसान

जहां आज हर कोई पढ़-लिखकर केवल इंजीनियर, डॉक्टर बनने के सपने देखता है. यही नहीं कुछ युवा तो पैसे कमाने और पहचान बनाने के लिए विदेशों में जाकर अपने ज्ञान का इस्तेमाल करते है. वहीं जो भारत कृषि प्रधान देश है उसे युवा अनदेखा कर आगे बढ़े जा रहें है. लेकिन

आज हम आपको ऐसे शख्स से रूबरू करवाएंगे जिसने कोई MBA, डाक्टर की डिग्री, या इंजीनियर कि डिग्री नहीं ली लेकिन फिर भी आज वो सुर्खियों में छाया हुआ है. जी हां हम बात कर रहें है कि मध्य प्रदेश के जिला और ब्लॉक सागर के पंबोरी रईगाँव के रहने वाले सिदार्थ चिंचौदिया कि, जिनके पिता जी भी खेती करते थे जिन्हें बचपन से सिद्धार्थ देखते हुए आ रहें है. लेकिन जिस तरह उनके पिताजी खेती करते थे उनमें अक्सर सिद्धार्थ ने उन्हें नुकसान ज्यादा और फाय़दा कम होता था, जिसकी वजह से  सिद्धार्थ एमबीए करने का फैसला लिया और छात्रों की तरह वो भी फाइनल सेमेस्टर की पढ़ाई करने के बाद अच्छी जगह पर नौकरी करना चाहते थे, लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने नौकरी करने की चाह को खत्म कर खेती करना सही समझा.

जिसकी शुरूआत 2016 में हुई जब सिद्धार्थ ने पहली बार करीब आधा एकड़ खेत से जैविक खेती करनी शुरू की, जिसमें उन्होंने अदरक की बुवाई की। सिद्धार्थ ने अप्रैल 2016 में अदरक की बुवाई की और उसी के अगले दिन उसी खेत में स्वीट कॉर्न की भी बुवाई कर दी। आपको बता दें कि एक ही खेत में एक साथ दो फसलों की खेती करने को ‘इंटरक्रॉपिंग’ कहते हैं।

ज़ाहिर सी बात है कि किसी भी काम को करने में खर्चा तो आता ही है लेकिन सिदार्थ ने 55 हजार रूपये में जैविक खेती शुरू कर दी.  सिद्धार्थ ने अदरक के साथ जो स्वीट कॉर्न की भी बुवाई की थी. जो करीबन दो महीने में तैयार हो गई, सिद्धार्थ ने स्वीट कार्न को 13000 रुपए में बेचा। आपको बता दें कि सिदार्थ ने अभी तक करीब आधे खेत की अदरक की खुदाई कर दी है, जिसमें 24 कुंतल अदरक निकली है जिसे सिद्धार्थ ने 40 रुपए किलो बेची।

सिद्धार्थ ने अपने इस खेती के सफर में नुकसान कम बल्कि ज्यादा फायदा ही पाया है. यहां तक की पहले से भी ज्यादा उन्हे फसल की कीमत मिलती है. जिससे वो बेहद खुश भी है. वहीं इस बार सिद्धार्थ पांच एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने अदरक (दो एकड़ में), लहसुन (दो एकड़ में) और प्याज (एक एकड़ में) की बुवाई की है।

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